उज्जैन
आखिरकार शिव भक्तों के उत्साह ने नव वर्ष पर महाकालेश्वर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. महाकालेश्वर मंदिर में 5 लाख भक्तों ने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया. नए साल पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है.
नए साल के पहले दिन रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन 'जय श्री महाकाल' के धार्मिक नारे से गुंजायमान रहा. महाकालेश्वर मंदिर में शिव भक्तों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए. उज्जैन कलेक्टर और महाकालेश्वर मंदिर समिति का अध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि सुबह भस्मारती से ही श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो गया था, जो कि रात तक अनवरत जारी रहा. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि रात तक पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया है. यह आंकड़ा नववर्ष पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर पैर रखने की जगह नहीं
धार्मिक नगरी में नए साल की शुरुआत करने आने वाले श्रद्धालुओं ने सिंहस्थ मेले की यादें ताजा कर दीं. उज्जैन के रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं मिली. इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था से लेकर सड़कों की यात्रा व्यवस्था भी बौनी साबित हो गई. उज्जैन में मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त उज्जैन पहुंचे थे.
यह पहला मौका है जब महाकालेश्वर मंदिर समिति को प्रोटोकॉल व्यवस्था बंद रखना पड़ी. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि रविवार को मंदिर में प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं मिल पाई.
होटल, लॉज और धर्मशालाएं में भी जगह नहीं मिली
शिव भक्तों के उमड़े सैलाब ने ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी परेशानी पैदा कर दी. उज्जैन में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ पहुंच गए कि होटल लाजो धर्मशाला भी छोटी पड़ गई. ठंड का मौसम होने की वजह से कई श्रद्धालुओं ने तो आसपास के शहरों में होटल बुक कराई. उज्जैन की धर्मशाला में भी कमरे खाली नहीं है.
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