भोपाल
इंदौर में आज से लेकर 10 जनवरी तक हो रहे तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में विभिन्न देशों से प्रवासी भारतीय जुट रहे हैं। सभी अतिथि मालवा और इंदौर के व्यंजनों की परंपरा का आनंद भी ले रहे हैं। इंदौर के प्रसिद्ध सराफा एवं 56 दुकानों पर प्रवासी भारतीयों के आगमन को लेकर उत्साह का वातावरण है। इन्दौरियों ने अपनी दुकानें सजा रखी है और स्वागत में होर्डिंग्स लगाए हैं। विगत दिवस 7 जनवरी को भी यहाँ पर कई प्रवासी पहुँचे और इंदौर के दही-बड़े, कचोरी, टिक्की, इंदौरी डोसा, शिकंजी और जलेबी का आनंद लिया। ठंड में गरमा-गरम गराडू भी लोगों की पसंद आ रहा है।
खानपान के लिए प्रसिद्ध "56 दुकानों" को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यहाँ के दुकानदार पलक-पावडे़ बिछा कर प्रवासी भारतीयों का स्वागत कर रहे हैं। विगत 45 वर्ष से फालूदा, मटका-कुल्फी और कोल्ड-कॉफी की दुकान चला रहे राकेश हसीजा कहते हैं कि हमारे यहाँ की आइसक्रीम, फालूदा और मटका कुल्फी बहुत प्रसिद्ध है और इसका अनूठा स्वाद प्रवासी भारतीयों का स्वाद बढ़ाएगा। इसी तरह इंदौरी नमकीन विक्रेता राकेश अग्रवाल ने भी प्रवासी भारतीयों के स्वागत के लिए कम मिर्च-मसाले का नमकीन तैयार किया है। उनके यहाँ बनने वाला इंदौरी डोसा आकर्षण का केंद्र है। यही नहीं चाट हाउस पर टिकिया, पाव भाजी, सिगड़ी डोसा और इसी तरह के चटपटे व्यंजन, गरमा-गरम जलेबी, रबड़ी, गुलाब जामुन, मावा बाटी, गाजर का हलवा और मूंग का हलवा विशेष रूप से प्रवासी भारतीयों के लिए तैयार किया गया है।
सराफा में स्वादिष्ट समोसे और कचोरी की दुकान, विजय चाट हाउस, शिकंजी की दुकान और जोशी के दही बड़े आदि दुकानों के संचालक भी खासे उत्साहित हैं। बेसब्री से अतिथियों का सत्कार करने के लिए ऐतिहासिक राजवाड़ा दुल्हन की तरह सजा है। शहर में लगे स्वागत द्वार और रोशनी बता रही है कि प्रवासी भारतीय हमारे दिलों में है।
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