गुवाहाटी
मदरसों को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह राज्य में मदरसों की संख्या कम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू होगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, पहले चरण में हम राज्य में मदरसों की संख्या कम करना चाहते हैं। हम राज्य में शिक्षा का सामान्य तरीका रखना चाहते हैं और मदरसों का रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ मिलकर वह काम कर रहे हैं और वे भी इस काम में मदद कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत से भी मदरसों में सुधारों को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी ने कहा था, असम में मदरसे ठीक ढंग से चल रहे हैं। मदरसा चलाने वाले 68 लोगों ने उनसे मुलाकात की।
असम के मुख्यमंत्री सरमा ने कुछ दिन पहले ही कहा थाकि मदरसों में पढ़ाने के लिए आने वाले राज्य से बाहर के टीचर्स को समय-समय पर थाने जाकर हाजिरी देनी होगी। इसके बाद एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा था और कहा था कि भारत के लोगों को कहीं भी रहने और काम करने का अधिकार है। उन्होंने सीएम सरमा पर हमला करते हुए कहा था, असम कोई दूसरा देश नहीं है जहां जाने के लिए भारतीयों को आपसे परमीशन लेनी पड़ी।
उन्होंने कहा था, आरएसएस द्वारा चलाए जाने वाले स्कूलों और उसके शिक्षकों के बारे में क्या किया जाएगा? क्या होगा अगर दूसरे राज्य में असम पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाने लगें? बताते चलें कि पिछले साल असम में कई मदरसे गिराए गए थे। दावा था कि यहां देश विरोधी गतिविधियां चल रही थीं और मदरसों का अवैध निर्माण किया गया था। बोंगाईगांव में मदरसा गिराए जाने के बाद भी खूब राजनीति हुई थी।
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