श्रीनगर।
जिहाद के नाम पर आतंकवादी अक्सर युवाओं को अपनी जाल में पंसाते हैं और उन्हें दहशतगर्द बनने की ट्रेनिंग देते हैं। उनका निशाना अधिकांश कम उम्र के युवा होते हैं। बारामूला पुलिस ने सेना की 29 आरआर के साथ मिलकर दो किशोरों सहित पांच युवकों को आतंकी बनने से बचाया है। उन्होंने उनका रेस्क्यू कर लिया है।
गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि कुछ युवाओं को पाकिस्तान के आतंकी आकाओं ने आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए बहकाया था। बयान में कहा गया है कि इनपुट मिलने पर सुरक्षा बलों ने सबसे पहले इन युवकों का पता लगाया और उनके माता-पिता की मदद से उनसे लगातार पूछताछ की गई।
बयान के अनुसार युवकों के खुलासे से पता चला कि वे आतंकवादी संगठनों में भर्ती होने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में आतंकवादी संचालकों के संपर्क में थे। आतंकी संचालक इन लड़कों को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे। इन किशोरों को समझा-बुझाकर उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
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