नई दिल्ली
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को शंकर मिश्रा की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। मिश्रा पर न्यूयॉर्क-दिल्ली एयर इंडिया के विमान में नशे की हालत में एक बुजुर्ग महिला सहयात्री के ऊपर पेशाब करने का आरोप है। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) हरज्योत सिंह भल्ला ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। उन्होंने कहा कि मिश्रा ने कथित तौर पर जो किया है वह घिनौना है, लेकिन अदालत कानून का पालन करने के लिए बाध्य है।
एएसजे भल्ला ने कहा, यह घृणित हो सकता है। यह एक और मामला है, लेकिन हमें इसमें नहीं पड़ना चाहिए। आइए देखें कि कानून इससे कैसे निपटता है।
मिश्रा की जमानत याचिका पर आदेश मंगलवार को पारित होने की संभावना है।
27 जनवरी को शिकायतकर्ता के वकील अंकुर महेंद्रो ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें जमानत याचिका की प्रति नहीं सौंपी गई है, जिसके बाद एएसजे ने मामले को स्थगित कर दिया था।
21 जनवरी को मिश्रा की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई थी।
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