सतना
हिंदुओं की आस्था का केंद्र चित्रकूट वही स्थान है। जहां कण-कण में भगवान श्री राम की स्मृतियां बसी हैं। चित्रकूट धाम जो मंदाकनी नदी के तट पर स्थित है। यह स्थान कभी श्री राम का सबसे पसंदीदा जगह थी। जब राम वनवास में थे, उन्होंने अपने वनवास के कुल 14 वर्षों में से 11 वर्ष यहाँ बिताए थे। यह जगह चारों तरफ से विंध्य पर्वतों से घिरा हुआ है और इस स्थान को चमत्कारों की पहाड़ी भी कहा जाता है। कभी यहां अशोक के पेड़ बहुत थे, इसलिए इसका नाम चित्रकूट पड़ा।
ऐसा ही एक रहस्य समेटे हुए भगवान राम की तपोस्थली में गुप्त गोदावरी के पास एक नई विशाल गुफा मिली है। जो स्थानीय लोगों में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। गुफा चित्रकूट के पास बहने वाली गुप्त गोदावरी के पास मिली है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को भी दी है। अब विशेषज्ञ इस गुफा की जांच करेंगे। मझगवां एसडीएम ने बताया कि गुफा बाहर से संकरी है। लेकिन अंदर काफी जगह है। अंदर प्राचीन काल की नक्काशियां हैं। चित्रकूट में मिली यह गुफा बहुत लंबी और चौड़ी है। गुफा के अंदर एक नक्काशीदार दीवार और भित्ति चित्र भी है।
ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम मौके पर पहुंचे और गुफा में करीब 25 फीट अंदर गए। उन्होंने बताया कि गुप्त गोदावरी में मिली इस गुफा की जानकारी वन विभाग और पुरातत्व विभाग को दे दी गई है। जल्द ही गुफा की सफाई कर इसे संरक्षित किया जाएगा।
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