भोपाल
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने एमबीए कालेजों की संबद्धता जारी करने के प्रकरण में पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी बना दी है। कमेटी कालेजों की संबद्धता संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगा। इसमें किसी भी प्रकार की गफलत मिलने पर कालेजों की संबद्धता को निरस्त किया जाएगा। बीयू से करीब 40 कालेज संबद्धता लेकर एमबीए और स्पेशलाईजेशन कोर्स संचालित कर रहे हैं। बीयू की हाई पावर कमेटी की एक बैठक हो चुकी है। बैठक में कमेटी अध्यक्ष एक्सीलेंस कालेज के डायरेक्टर डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, भोपाल संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. प्रथुरा प्रसाद, बीयू के प्रो. एसके खटीक, एसवी पालीटेक्निक प्राचार्य डॉ. केव्ही रॉव और असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. अभय कुमार गुप्ता शामिल है।
कमेटी ने अकादमी शाखा से तीन बिंदुओं पर दस्तावेज तलब किए हैं। इसमें बीयू के दायरे में आने वाले सभी कालेजों की सूची, नये कालेजों को कौन सी सशर्त संबद्धता दी गई और उन्हें कौन-कौन से सुझाव देकर कोर्स संचालित करने की मंजूरी दी गई है। उक्त दस्तावेज आने के बाद कमेटी कालेजों की शॉर्ट लिस्ट तैयार करेगा। इसके बाद कमेटी कालेज पहुंचकर उनका निरीक्षण कर सकती है। ताकि कमेटी देख सके कि कालेजों को जिन शर्तों और सुझावों पर संबद्धता दी गई है। वे उनका क्रियान्वयन पूर्ण रूप से कर रहे हैं या नहीं। इसकी जांच करने के बाद हाई पावर कमेटी एक रिपोर्ट तैयार कुलपति सुरेश कुमार जैन के पास प्रस्तुत करेगी। इसमें किसी भी कालेज में कोई गडबडी मिलती है, तो कुलपति जैन सीधे कालेज की संबद्धता निरस्त करेंगे। वे इसकी सूचना कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
ऐसे उठा था मामला
कोरोना काल में एआईसीटीई ने एमबीए कालेजों को मान्यता दी थी। इसी के चलते बीयू ने कोनोरा संक्रमण के चलते कालेजों के शर्ते और सुझाव देकर एमबीए कालेजों को संबद्धता और निरंतरता जारी थी। कालेजों ने शर्तें और सुझाव को नजरअंदाज कर कोर्स संचालित करना शुरू कर दिए। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन व्यवस्था चौपट हो रही थी। तब कार्यपरिषद की बैठक में ईसी सदस्य शशिरंजन अकेला ने नियम 27 का हवाला देकर एमबीए कालेजों की संबद्धता पर सवाल खडे किए। तब ईसी ने कालेजों की हाई पावर कमेटी बनकर जांच करने के निर्देश कुलपति जैन को दिए। इसके तहत कमेटी ने कार्य करना शुरू कर दिया है।
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