3 कलेक्टरों का कारनामा बिना रजिस्ट्रेशन करा दिए सैकड़ों सीएम कन्या विवाह

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अफसरों की मनमानी एक बार फिर चर्चा में है। राज्य के बुरहानपुर, नर्मदापुरम् और छिंदवाड़ा में कलेक्टरों ने बिना पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराए बिना सैकड़ों विवाह करा दिए। इन कलेक्टरों से सामाजिक न्याय आयुक्त ने स्पष्टीकरण मांगा है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कन्या निकाह योजना के अंतर्गत विवाह पोर्टल पर पंजीयन के बाद ही विवाह कराए जाने हैं लेकिन बुरहानपुर, नर्मदापुरम् और छिंदवाड़ा जिलों ने बिना पंजीयन के ही विवाह करा दिए हैं और अब विवाह के बाद वे पंजीयन कराने की अनुमति मांग रहे हैं।

सामाजिक न्याय आयुक्त ने इस संबंध में इन जिलों के कलेक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने बताया कि तकनीकी कारणों से उनके जिलों में पंजीयन नहीं हो पाया और योजना के अंतर्गत विवाह कराकर योजना का लाभ दे दिया गया है। अब सामाजिक न्याय आयुक्त ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि विवाह पोर्टल पर आवेदन दर्ज करने की कार्यवाही शासन के निर्देशानुसार सामूहिक विवाह निकाह कार्यक्रम के सात दिन पूर्व ही की जाए। यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो सात दिवस पूर्व ही विस्तृत जानकारी सहित संचालनालय को ईमेल के माध्यम से अवगत कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा है

कि किसी कारणवश किसी निकाय द्वारा सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम के सात दिवस पूर्व तक विवाह पोर्टल पर पंजीयन नहीं किया जाता है तो उक्त प्रकरणों को पोर्टल पर दर्ज करने के लिए जिले के संयुक्त, उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा सूची सहित संचालनालय को पत्र भेजा जाए। जिलों से पत्र मिलने के बाद संचालनालय परीक्षण कर प्रकरणों को विवाह पोर्टल पर पंजीयन करने हेतु सहमति प्रदान की जाएगी एवं विवाह पोर्टल को अनलॉक कराया जाएगा। विवाह पोर्टल के अनलॉक होने के बाद सात दिन में ही पंजीयन, पात्र, अपात्र, उपस्थिति एवं लाभांवित की जानकारी दर्ज कराने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।

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