इलाहाबाद
अवैध मीट प्लांट संचालन और गैंगस्टर एक्ट में जेल में बंद पूर्व मंत्री और बसपा नेता हाजी याकूब की फिलहाल एक महीने तक रिहाई मुश्किल है। हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिका पर चार अप्रैल की तारीख लगी है। वहीं शासन ने जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय लिया है। अब अप्रैल में याकूब की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। उसके बाद ही रिहाई पर कोई फैसला हो सकेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस डीके सिंह की बेंच में पूर्व मंत्री हाजी याकूब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनआई जाफरी ने जमानत याचिका पेश की। इस पर सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिये जाने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट की बेंच ने चार सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई की अगली तारीख चार अप्रैल तय कर दी। इस तरह हाजी याकूब की जमानत याचिका पर अब चार अप्रैल को सुनवाई होगी। तब ही जेल से रिहाई पर कोई फैसला हो सकेगा।
उधर, हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर हाजी याकूब के दोनों बेटे इमरान कुरैशी और फिरोज कुरैशी जेल से रिहा होकर मेरठ आ चुके हैं। अब सबकी नजर हाजी याकूब पर टिकी है। हाजी याकूब और उनके दोनों बेटे 31 मार्च 2022 को पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों की छापेमारी के बाद दर्ज मुकदमे और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई में आरोपी हैं।
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