कर्नाटक
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2023 होने वाले हैं। ऐसे में सत्ता पर काबिज भाजपा हर हाल में सत्ता में वापसी करना चाहती है। भाजपा जनता का दिल जीतने का एक भी मौका भाजपा गवाना नहीं चाहती हैं, लेकिन चुनाव से पहले कर्नाटक की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमावर्ती विवाद पर लगातार कर्नाटक सरकार को घेरकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा रही है। वहीं कांग्रेस के आरोपों और इस मुद्दे पर सीएम के इस्तीफे की मांग के बाद कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार 865 सीमावर्ती गांवों में महाराष्ट्र सरकार को अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना की पेशकश करने से रोकने के लिए कदम उठाएगी।
बता दें कर्नाटक सीएम बसवराज बोम्मई कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए गठित की गई भाजपा प्रचार कमेटी के मुखिया भी हैं। कर्नाटक का पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित 865 सीमावर्ती गांवों पर लगातार दावा कर रही है और बसवराज सरकार लगतार मुंह तोड़ जवाब देते हुए कह रही है कि वो अपने राज्य का एक इंच भी महाराष्ट्र को नहीं लेने देगी।
याद रहे महाराष्ट्र मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार पर हाल ही में कर्नाटक के सीमावर्ती गांवों में 'महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना' को लागू करने के लिए अतिरिक्त 54 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। जिसके बाद कांग्रेस ने राज्य सराकार पर हमला बोलते हुए प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर आलोचना की थी जिसका जवाब देते हुए कर्नाटक सीएम बसवराज ने बुधवार को ये बात कही। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार के कदम को कर्नाटक का "अपमान" बताते हुए, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार और विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने बोम्मई के इस्तीफे तक की मांग कर दी थी। उन्होंने राज्य और कन्नडिगों के हितों की रक्षा करने में "बुरी तरह विफल" होने का आरोप लगाया।
बसवराज के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कर्नाटक सीएम बोम्मई ने कहा 'अगर महाराष्ट्र यहां धन जारी करता है, तो मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए? हमने भी महाराष्ट्र में पंढरपुर, तुलजापुर जैसे स्थान जहां कर्नाटक के लोग हैं उनके के लिए धन जारी किया है। बसववराज ने कहा हम उनके फंड रिलीज पर गौर करेंगे, हम इसे रोकने के उपाय करेंगे.. मुझे डी के शिवकुमार से सीखने की जरूरत नहीं है।'
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