कोच्चि
केरल उच्च न्यायालय ने केरल के खूंखार अपराधियों में से रिपर जयनंदन की पत्नी और उसकी वकील बेटी द्वारा दायर याचिका पर अनुकंपा सुनवाई करने के बाद आरोपी को बेटी की शादी में शामिल होने की अनुमति दे दी। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व खुद उनकी वकील बेटी ने किया। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने इंदिरा की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया, जिसकी वकील उनकी बेटी कीर्ति जयनंदन थीं। जयनंदन वियूर केंद्रीय कारागार में तीन आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उसे बुधवार को भारी पुलिस निगरानी में त्रिशूर के वडक्कुमनाथन मंदिर में शादी समारोह में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
दुल्हन के पिता की उपस्थिति सबसे उपयुक्त- कोर्ट
न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि बेटी की शादी एक शुभ अवसर है और उस समारोह में दुल्हन के पिता की उपस्थिति सबसे उपयुक्त है। इसलिए इस अदालत का विचार है कि याचिकाकर्ता के पति को अपनी बेटी की शादी में भाग लेने के लिए पैरोल दिया जाना चाहिए।
आदेश में कहा गया है कि शादी के कार्यों के प्रयोजनों के लिए उसे 21 मार्च, 2023 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने घर जाने की भी अनुमति है और उसी दिन उसे वापस जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद उसे 22 मार्च को फिर से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शादी में शामिल होने की भी अनुमति है।
हत्या के सात मामलों में आरोपी है 56 वर्षीय जयनंदन
हत्या के सात मामलों में आरोपी 56 वर्षीय रिपर जयनंदन को एक मामले में बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जबकि एक अन्य हत्या के मामले में उसे मौत की सजा दी गई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उसकी अपील पर इसे उम्रकैद में बदल दिया।
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