जब मैं पहली बार CM बना तो लोगों ने सोचा कि मैं कुछ दिन चलूंगा लेकिन मैं अभी तक चल रहा हूं- मुख्यमंत्री चौहान

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

भारत को कभी भी पैसे की कमी नहीं रही अगर वह अफगानिस्तान की मदद करता तो हालात कुछ और ही होते। यह कहना है अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एनआई के अध्यक्ष और फाउंडर प्रेम प्रकाश जी का। मौका था उनकी किताब रिपोर्टिंग इंडिया पत्रकारिता की मेरी 70 वर्षों की अनवरत यात्रा के विमोचन का। विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं अपने राजनीतिक जीवन में किसी प्रशासनिक पद पर नहीं रहा लेकिन जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तो लोगों ने सोचा कि मैं कुछ ही दिन चलूंगा लेकिन मैं अभी तक चल रहा हूं।

पुस्तक विमोचन के मौके पर प्रेम प्रकाश जी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक पत्रकार की भूमिका में आते हुए सवाल किए। सीएम ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के विषय में प्रश्न किए। वहीं प्रेम प्रकाश जी ने अटल जी के साथ बिताए हुए लम्हों को याद किया। वहीं उन्होंने सीएम के प्रश्नों का  जवाब बड़ी ही सहजता से दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत उन्नति सिंह – एहसास वुमन इंदौर ने की। प्रभा खैतान फाउंडेशन के बारे में मानद संयोजिका (राजस्थान और मध्य भारत) अपरा कुच्छल ने जानकारी दी। मंच पर सूत्रधार की भूमिका में वरिष्ठ पत्रकार व लेखक रशीद किदवई और अपरा कुच्छल ने प्रेम  प्रकाश जी और मुख्यमंत्री दोनों से प्रश्न किए।  बड़ी ही सहजता से दोनों विभूतियों ने इसके जवाब दिए। जहां प्रेम प्रकाश जी ने  अपने 70 वर्ष के पत्रकारिता जीवन की यादें और उस दौर की कुछ खबरों का जिक्र किया तो वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान प्रदेश की जनता के किए गए कामों के बारे में बताया जिसमें उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना का बारे में बताते हुए इन योजनाओं ने कैसे मूर्त रूप लिया उसके विषय में बताया।

किताब विमोचन में एहसास वुमन इंदौर से उन्नति सिंह, सुचित्रा साजिद धनानी, सुरभि धूपर, जनरल मैनेजर कणिका हसरत, अपरा कुचल – मानद सांयोजिका प्रभा खैतान फाउंडेशन शामिल हुए। प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता में स्थित एक गैर-लाभकारी ट्रस्ट है, जिसकी स्थापना 1980 के दशक में प्रख्यात साहित्यकार, सांस्कृतिक कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और नारीवादी डॉ. प्रभा खेतान ने किया था।

फाउंडेशन की कुछ बेशकीमती साहित्यिक पहलों में 'एन आथर्स आफ्टरनून', 'द राइट सर्कल', 'द यूनिवर्स राइट्स', 'कलम', 'आखर' और 'लफ़्ज' शामिल हैं,  जिनका उद्देश्य अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय साहित्य और भाषाओं की पहुंच को व्यापक कर उनके पाठकों तक पहुंचाना है। 'सुर और साज', 'टेटे-ए-टी' और 'चौपाल' जैसी सांस्कृतिक पहलों का उद्देश्य देश की बहुमुखी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना है। फाउंडेशन को श्री सीमेंट लिमिटेड के उदार संरक्षण के अलावा भारत भर में अहसास वूमेन के साथ अन्य समान सोच वाले शुभेच्छुओं, संगठनों और व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त है।

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