फ्रांस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद यूरोप दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद कहा था, कि यूरोप को अमेरिका का पिछलग्गू नहीं बनना चाहिए। लिहाजा, माना जा रहा है, कि आने वाले समय में यूरोपीय देशों में भी अमेरिका की 'दादागीरी' कम हो सकती है। फ्रांस पहले भी कई बार अमेरिका के विपरीत स्टैंड ले चुका है और फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर भी कहा था, कि पश्चिमी देशों के नेताओं को चाहिए, कि वो पुतिन को भला-बुरा ना कहें। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति पर अपनी भड़ास निकाली है।
मैक्रों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के खिलाफ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया और कहा, कि 'चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलकर इमैनुएल मैक्रों उनका पिछवाड़ा चूम रहे थे।'
इस महीने न्यूयॉर्क की अदालत में अभियोग का सामना करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप पहली बार मुख्यधारा की मीडिया में आए थे और उन्होंने फॉक्स न्यूज के एंकर टकर कार्लसन को इंटरव्यू दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान कहा, कि उनके पद छोड़ने के बाद से अमेरिका का प्रभाव दुनिया में कम हो गया है।उन्होंने एंकर कार्लसन से कहा, कि "आपके पास यह पागल दुनिया है, यह उड़ रही है और संयुक्त राज्य अमेरिका के पास बिल्कुल कुछ नहीं है।"
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