अलीगढ़
अलीगढ़ को जल्द ही आर्थिक व इंटर कॉरिडोर की सौगात मिलेगी। अलीगढ़-पलवल के बीच बनने वाले इस कॉरिडोर की डीपीआर बनाए जाने का कार्य शुरू हो चुकी है। कंसलटेंट एजेंसी ने राजस्व ग्रामों का रिकार्ड जुटाना शुरू कर दिया है। कॉरिडोर के लिए अलीगढ़, गाजियाबाद, पलवल तक की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। भारतमाला परियोजना के तहत देशभर में माल ढुलाई की दक्षता में सुधार के लिए आर्थिक कॉरिडोर, इंटर कॉरिडोर और फीडर रूट के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
इसके अर्न्तगत ही अलीगढ़-पलवल में (एनएच-34 जंक्शन से शुरू होकर एनएच-44 के जंक्शन समाप्ति तक) आर्थिक व इंटर कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके लिए कंसलटेंसी फर्म एसए इंफ्रास्ट्रक्चर ने जमीन अधिग्रहण किए जाने के लिए 66 राजस्व गांवों की सूची तैयार की है। इसमें जनपद गौतमबुद्ध नगर की तहसील जेवर के भी गांव शामिल हैं। दोनों जनपदों के बीच इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 79.680 किमी. होगी।
इन सभी राज्यों को आपस में जोड़ेगा भारतमाला प्रोजेक्ट
भारतमाला परियोजना के तहत पिछड़े इलाकों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग भी बनाए जा रहे हैं। परियोजना गुजरात और राजस्थान से शुरू होकर पंजाब व आगे पूरे हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व तराई इलाकों के साथ उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमाओं को कवर करेगी। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम में भारत-म्यांमार की सीमा तक सड़कों का जाल इस परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है।
यह होंगे फायदे
– सामान और लोगों की आवाजाही आसान होगी
– अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
– लोगों को रोजगार मिलेगा।
– किसानों की फसल समय पर बाजारों तक पहुंचेगी, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा।
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक, पीके कौशिक ने कहा कि अलीगढ़-पलवल हाईवे पर भारतमाला परियोजना के अर्न्तगत आर्थिक, इंटर कॉरीडोर व फीडर रूट के विकास के लिए कार्य होने है। डीपीआर बनाए जाने का कार्य शुरू हो गया है।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में भी अलीगढ़ शामिल
भारतमाला परियोजना के तहत आर्थिक, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए कार्य किए जा रहे हैं। डिफेंस कॉरीडोर, अलीगढ़ नोड के जेवर एयरपोर्ट व दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने की वजह से भविष्य में कई परियोजनाएं यहां शुरू हो सकती हैं। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे भी इनमें से ही एक है। गाजियाबाद-कानपुर सहित सात जिलों को इसका लाभा मिलेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में फोरलेन बनाए जाने के साथ ही अंडरपास और पुलियों पर सिक्स से लेकर आठ लेन का बनाया जाना है। यह यूपी के दो प्रमुख औद्योगिक शहरों कानपुर व गाजियाबाद को जोड़ेगा। इस प्रॉजेक्ट के 2025 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
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