महाराष्ट्र
राज्यसभा सांसद और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत महाराष्ट्र सरकार को लेकर फिर नया दावा कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने कह दिया है कि जल्दी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'लंबी छुट्टी' पर जाना पड़ सकता है। इससे पहले वह 15-20 दिनों में सरकार गिरने का दावा भी कर चुके हैं। इधर, सतारा पहुंचे शिंदे ने साफ कर दिया है कि उनके छुट्टी पर जाने के दावे गलत हैं।
राउत ने कहा, 'राज्य और देश में तस्वीर कुछ ऐसी बन रही है कि मुख्यमंत्री को लंबी छुट्टी पर जाने के लिए कहा जाएगा। वह इसके लिए प्रैक्टिस भी कर रहे हैं।' राउत रैली के लिए दौंड तालुका पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी विधायक राहुल कुल की अगुवाई वाली भीम पातस शुगर मिल में 500 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
उन्होंने आरोप लगाए हैं कि सरकार में मंत्री दादा भुसे ने किसानों से रुपये लिए हैं, लेकिन अब तक फैक्ट्री नहीं बनाई गई। साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी घेरा और कहा कि इस बारे में शिकायत की गई है, लेकिन अब तक वह मुलाकात के लिए नहीं आए हैं।
'डेथ वॉरंट'
रविवार को ही राउत ने दावा किया था, 'इस सरकार का डेथ वॉरंट जारी हो गया है। केवल तारीख का ऐलान होना बाकी है। मैंने पहले ही कहा था कि शिंदे सरकार फरवरी में गिर जाएगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले में देरी के कारण लाइफलाइन बढ़ गई। यह सरकार अगले 15-20 दिनों में गिर जाएगी।'
फाइल मंजूर कर रहे शिंदे
अपने गृह जिला सतारा पहुंचे शिंदे मंगलवार को वर्चुअली काम निपटाते नजर आए। उन्होंने अलग-अलग विभागों से जुड़ीं 65 जरूरी फाइलें क्लियर कर दी हैं। महाबलेश्वर में छुट्टी के दावों को लेकर उन्होंने कहा था, 'मैं कभी भी छुट्टी पर नहीं जाता हूं। आज मैंने टपोला-महाबलेश्वर रोड के काम की समीक्षा की। सड़क की आधारशिला रखी और जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की…।'
एकनाथ शिंदे की अगुवाई में 2024 चुनाव लड़ने की तैयारी
मंगलवार को ही फडणवीस ने साफ कर दिया था कि साल 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव सीएम शिंदे की अगुवाई में लड़े जाएंगे। उन्होंने कहा था, 'यह सरकार पूरी तरह स्थिर है। यह सरकार 2024 चुनाव लड़ेगी। एकनाथ शिंदे 2024 तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।'
क्या हैं महाराष्ट्र की सियासत के हाल
एक ओर जहां 16 शिवसेना विधायकों की अयोग्यता को लेकर शीर्ष न्यायालय का फैसला आना बाकी है। वहीं, महाविकास अघाड़ी में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भी उथल पुथल जारी है। खबरें थी कि सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का झुकाव भाजपा की ओर जा रहा है। वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही एनसीपी में टूट की अटकलें बढ़ गई थीं। हालांकि, अजित ने खुद ही साफ कर दिया था कि वह एनसीपी में ही रहेंगे। वहीं, सीनियर पवार भी घटनाक्रम पर सख्त रवैया अपनाते नजर आए।
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