बेंगलुरु
पुलिस ने 12वीं पास एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है जो कि हर रोज 3 से 5 करोड़ रुपये बनाया था। 46 साल के साइबर अपराधी के कारनामे सुनकर लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। विशाखापट्टनम के बांगुर नगर से पुलिस ने इस ठग को गिरफ्तार किया जो कि लोगों को मोबाइल या फिर लैपटॉप के जरिए निशाना बनाता था। उसने जिन लोगों को चूना लगाया उनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। उसे एक होटल से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी का नाम श्रीनिवास राव डाडी है। वह केवल 12वीं तक पढ़ा है। पुलिस का कहना है कि लोगों से ठगी करने के बाद व ह पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था और फिर इसे चीनी नागरिकों के खाते में रखता था। वह हर रोज 3 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक बनाता था। उससे जुड़े चार अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कैसे लोगों को बनाता था शिकार
जांच में कहा गया है कि ये ठग लोगों को वीडियो कॉल या फिर फोन कॉल करते थे। वे पुलिस अधिकारी बनकर फोन कॉल करते थे। इसके बाद यह कहकर डराते थे कि उन्होंने जो पार्सल किया है उसमें ड्रग्स पाया गया है। वे पीड़ितों को फ्रॉड आईडी भी दिखाते थे। इसके बाद डरे हुए लोगों से फोन या फिर लैपटॉप पर एनीडेस्क ऐप डाउनलोड करवाया जाता था। इसके बाद वे दूर से ही फोन की स्क्रीन हैक कर लेते थे और उसकी बैंक डीटेल निकाल लेते थे।
इसी तरह से मुंबई, पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता और अन्य जगहों पर भी लोगों को शिकार बनाया गया। दिल्ली में एक शख्स के पास आरोपियों ने वीडियोकॉल किया था। ठगों ने पुलिस की वर्दी भी पहन रखी थी। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, मार्च में हमें इस मामले की जानकारी मिली थी और इसके बाद जांच शुरू की गई। ठग खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते थे। इन लोगों का ठगा हुआ पैसा कुछ एजेंट द्वारा चलाए जाने वाले बैंक अकाउंट में जाता था।
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