गाजीपुर
आयकर की बेनामी सम्पति यूनिट ने माफिया मुख्तार अंसारी पर शिकंजा कसा। गाजीपुर में मुखौटा व्यक्ति के नाम पर दर्ज कराई गई सम्पत्ति को आयकर ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके पूर्व स्थानीय जिला प्रशासन कुर्की की कार्रवाई कर चुका है।
आयकर लखनऊ मुख्यालय की बेनामी सम्पत्ति यूनिट से एक टीम गुरुवार की सुबह गाजीपुर पहुंच गई। यहां मुख्तार के करीबी गणेश मिश्रा की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई पूरी की गई। इसके तुरंत बाद टीम वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गई। आयकर सूत्रों ने बताया कि जांच में पता चला कि सम्पत्ति गणेश मिश्रा के नाम जरूर दर्ज है लेकिन वास्तविक मालिक मुफ्तार अंसारी है। इसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है।
माफिया या बड़े कारोबारी टैक्स बचाने के लिए अपनी सम्पत्तियां दूसरे के नाम दर्ज कराते हैं। आयकर की जांच में जब यह स्पष्ट हो जाता है तो संबंधित प्रकरण को बेनामी सम्पत्ति यूनिट को दे दिया जाता है। इसके बाद बेनामी सम्पत्ति यूनिट उन पर नजर रखती है। प्रमाण मिल जाने के बाद सम्पत्तियों को अटैच कर लेती है। मुख्तार के मामले में भी यही किया गया। आयकर सूत्रों के अनुसार मुख्तार से जुड़ी कुछ और बेनामी सम्पत्तियों पर भी विभाग की नजर है। जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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