रामनगर
बधाइयां ।आप सिर्फ मेरे प्रतिबिंब नहीं हैं, आप मेरे दिल की प्रतिध्वनि हैं और मेरी आत्मा की गूँज हो जब भी आपका नाम लेता हूं तो सर गर्व से ऊंचा हो जाता है और छाती चौड़ी हो जाती है और साढ़े पांच फीट का कद मानो एक गज की तरह हो जाता और ये सब आपकी लगन समर्पण और ईमानदारी मेहनत और आपके आधुनिक और निपुण सब को अपने ज्ञान और शब्दो के बाण की दम पर धराशाई कर देने से तथा सब को अपनी स्नेह भरी दिल जीत लेने बाली अमृतवाणी से सच कहूं तो सब्दो में आपका बखान करना असम्भव है। अतःहमेशा मेरा साथ देने के लिए शुक्रिया भैया ..!!
What do you feel about this post?
0%
Like
0%
Love
0%
Happy
0%
Haha
0%
Sad
0%

