प्रयागराज
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने होम बेस्ड न्यूबार्न केयर कार्यक्रम को और रफ्तार देने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इस कार्यक्रम के तहत घरेलू और संस्थागत प्रसव के बाद आशा द्वारा शिशु और प्रसूता की सेहत का हाल लेने के लिए घर का भ्रमण करने का प्रावधान है। यह प्रक्रिया 42 दिन चलेगी।
संस्थागत प्रसव के मामले में छह बार आशा घर आएंगी। जबकि घरेलू प्रसव में सात बार आशा घर आकर शिशु और प्रसूता की सेहत का हाल लेंगी। शिशु देखभाल की टिप्स देंगी। जच्चा अपना ख्याल कैसे रखें? खान-पान क्या रखना है? कब टीका लगना है, आदि की जानकारी देंगे। बीमार जच्चा या बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराने में मदद करेंगी। शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अहम कदम उठाया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में तेजी से कमी आ रही है। इसमें और सुधार के बावत लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। होम बेस्ड न्यूबार्न केयर कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए दिशा निर्देश दिये गये हैं।
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