सीएम भूपेश की कैबिनेट में शामिल हुए मोहन मरकाम, राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ

छत्तीसगढ़ रायपुर

 रायपुर .

 राजभवन में मोहन मरकाम ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में सीएम भूपेश बघेल के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी मौजूद रहे। राष्ट्रगान के बाद समारोह का समापन हुआ। राज्यपाल विश्व भूषण हरिचनंदन ने मोहन मरकाम को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने मोहन मरकाम को बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्री और विधायक मौजूद थे।

विधानसभा चुनाव से चार महीना पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बदलाव के बाद अब भूपेश मंत्रिमंडल में बदलाव होने जा रहा है। तेजी से घटे राजनीतिक घटनाक्रम में दीपक बैज के प्रदेश अध्यक्ष बनने के 12 घंटे के अंदर ही प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह से इस्तीफा ले लिया गया।

प्रेमसाय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है और किसे बाहर करना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। उनसे इस्तीफा मांगा गया और उन्होंने प्रक्रिया के तहत इस्तीफा दे दिया है।

इससे पहले गुरुवार दोपहर में मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री बघेल ने संकेत दिया था कि कुछ और बदलाव हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कहा कि संगठन में लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी मिलती रहती है। मोहन मरकाम का कार्यकाल समाप्त हो चुका था।

रायपुर महाअधिवेशन में पारित हुआ था कि 50 प्रतिशत पद पर 50 साल के कम उम्र वालों को जगह मिलनी चाहिए। हमारे यहां से शुरुआत हो रही है, दीपक बैज अभी मुश्किल से 42 वर्ष के हैं। नौजवान को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है। आगामी चुनाव में इसका अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

रुआंसे हो गए थे टेकाम

इस्तीफा के बाद मीडिया से चर्चा में टेकाम रुआंसे हो गए। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे कहां जगह देनी है, यह मुख्यमंत्री तय करते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कहने पर इस्तीफा दिया हूं। उन्होंने कहा था कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तरफ से निर्देश है कि आपको इस्तीफा देना है, इसलिए इस्तीफा दिया हूं। अब संगठन में रहकर काम करता रहूंगा। टिकट कटने के सवाल पर टेकाम ने कहा कि यह बाद की बात है। बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने के बाद टेकाम गोविंदपुर स्थित राजमाता राजमोहिनी देवी के आश्रम चले गए। यहां गोंड समाज के लोगों की प्रमुख आस्था है।

 

 

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