बेंगलुरु में नीतीश कुमार के खिलाफ पोस्टर, बताया प्रधानमंत्री पद का कमजोर दावेदार

राजनीती

बेंगलुरु
पटना के बाद अब बेंगलुरु में विपक्षी दलों का महाजुटान हो रहा है। 2024 में भाजपा को टक्कर देने के लिए पूरा प्लान बनाया जा रहाहै। इस बैठक में कई अहम फैसले होने की उम्मीद है। चर्चा यह भी हो रही है कि यूपीए की तरह ही सोनिया गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रमुख बनाया जा सकता है। इसके अलावा नीतीश कुमार को उपकप्तान बनाया जा सकता है। इसी बीच बेंगलुरु में नीतीश कुमार के पोस्टर सामने आए हैं। इन पोस्टरों में उन्हें अस्थायी प्रधानमंत्री उम्मीदवार बताया गया है। पुलिस ने बाद में चालुक्य सर्कल से इन पोस्टरों को हटा दिया

पोस्टर में बिहार के सुल्तानगंज पुल जिक्र किया गया है जो कि दो बार ढह चुका है। इसमें लिखा गया है कि अप्रैल 2022 और जून 2023 में पुल ढह गया। पोस्टर पर किसी पार्टी या फिर राजनेता ने अपना नाम नहीं लिखा है। इस बैठक में यह भी फैसला होना है कि किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। नीतीश कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास हैं। नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर चर्चा कई बार चल चुकी है। हालांकि नीतीश कुमार अब तक इस बात से इनकार करते रहे हैं।

नीतीश कुमार और ओबीसी कार्ड
पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक नीतीश कुमार की ही पहल पर हुई थी। इसके अलावा नीतीश कुमार ने विपक्ष को साथ लाने के लिए कई नेताओं से मुलाकात भी की थी। भाजपा ओबीसी कार्ड खेलने से नहीं चूक रही है। ऐसे में इसकी काट निकालने के लिए भी नीतीश कुमार एक चारा हैं। उनकी बड़े ओबीसी नेता के तौर पर पहचान है।

इस बैठक में सोनिया गांधी और नीतीश कुमार दोनों की उपस्थिति अहम है। दरअसल बात यह है कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर अभी सभी दलों को भरोसा नहीं है। ऐसे में सोनिया गांधी को आगे करने में बात बन सकती है। वहीं अगर नीतीश कुमार उनके साथ काम करें तो क्षेत्रीय दलों के साथ सामंजस्य बैठाने में आसानी हो सकती है। आपको बताते चलें कि आज ना सिर्फ विपक्षी दलों की बैठक है बल्कि एनडीए की भी दिल्ली में बड़ी बैठक होने वाली है जिसमें 38 दल भाग ले सकते हैं।

 

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