भोपाल
राजधानी भोपाल में तीन अगस्त से छह अगस्त के बीच अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव उन्मेष और भारत की लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों के राष्ट्रीय उत्सव उत्कर्ष का आयोजन होगा। रविन्द्र भवन में तीन अगस्त को राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू इसका शुभारंभ करेंगी। अंतराष्ट्रीय साहित्य उत्सव में में देश-विदेश के पांच सौ कवि, लेखक, साहित्यकार और उत्कर्ष में देश के विभिन्न प्रांतों के 900 से अधिक कलाकार शिरकत करेंगे।
संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भोपाल में पहली बार इतने विशाल स्तर पर यह आयोजन हो रहा है जिसमें इतनी अधिक संख्या में कवि, साहित्यकार, ट्राइबल आर्टिस्ट, लोक कलाकार आ रहे है। इस मौके पर भारत के विभिन्न राज्यों के लोक एवं जनजातीय नृत्यों की सामूहिक प्रस्तुति की जाएगी। इसके पहले दो अगस्त को न्यूमार्केट में एक कला यात्रा निकाली जाएगी जिसमें देश के विभिन्न प्रांतो से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
अंतराष्ट्रीय साहित्य उत्सव उन्मेष में तीन अगस्त को बहुभाषी कविता पाठ, सिनेमा और साहित्य पर परिचर्चा, आदिवासी कवि सम्मेलन, भारत 75 पर कविता पाठक, मेरे लिए स्वतंत्रता का अर्थ, भारत की अवधारणा पर चर्चा, बहुभाषी कविता पाठ, भूमंडलीकृत विश्व के लिए वैश्विक साहित्य पर चर्चा, मातृभाषाओं पर चर्चा जैसे कई विषयों पर तीन दिनोें तक चर्चा होंगी। संगीत नाटक अकादमी दिल्ली और संस्कृति विभाग मयप्रदेश के सहयोग से हो रहे उत्कर्ष में भारत की लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों का राष्ट्रीय उत्सव दो अगस्त से चार अगस्त तक होगा।
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