इस्लामाबाद
पाकिस्तान की सरकार की तरफ से पहली बार मिनिरल्स समिट यानी खनिज शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। पाकिस्तान में कई ऐसे खनिज भंडार के विशाल भंडार हैं, जिनकी कीमत अरबों डॉलर में है। इस देश सोना, तांबा, लोहा, क्रोमाइट, बैराइट्स, जिप्सम और सेंधा नमक के विशाल भंडार शामिल शामिल हैं। तेल और गैस की खोज के साथ-साथ पाकिस्तान में कीमती रत्न और संगमरमर का उद्योग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इसकी भू-रणनीतिक स्थिति ग्लोबल मार्केट में इनसे जुड़े उद्योगों के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है। मगर पाकिस्तान इससे अनजान है। आज हम आपको देश के उस खजाने के बारे में जिसे चीन जमकर लूट रहा है।
22 हजार टन तांबा गया चीन
पाकिस्तान के जाने-माने जर्नलिस्ट हामिद मीर ने कुछ दिनों पहले एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के मोहम्मद खेल में छह खबर डॉलर के खनिज मौजूद हैं। मोहम्मद खेल खैबर पख्तूनख्वां में स्थित है। हामिद मीर ने यहां पर एक विशेषज्ञ से भी बात की है। उन्होंने विशेषज्ञ से पूछा कि अगर छह खबर डॉलर के खनिज यहां पर हैं तो फिर देश की तो सारी दिक्कतें ही दूर हो सकती हैं। इस पर विशेषज्ञ ने उन्हें जवाब दिया, 'जी बिल्कुल, मोहम्मद खेल में तांबे का सबसे बड़ा भंडार है।'
क्या है सम्मेलन का मकसद
इसके बाद हामिद उनसे पूछते हैं कि मोहम्मद खेल से पाकिस्तान कितना कमा सकता है? इस पर वह विशेषज्ञ बताते हैं कि अभी तक करीब 22 हजार टन तांबा पिछले करीब चार साल में चीन को निर्यात किया है। इससे 35 मिलियन डॉलर का राजस्व पाकिस्तान को हासिल हुआ है। इस्लामाबाद में जिस शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है उसमें टॉप इनवेस्टर्स और खनिज विशेषज्ञ शामिल होंगे। पाकिस्तान के एक्सपर्ट्स की मानें तो वास्तविक क्षमता का प्रयोग कैसे हो कि देश की आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएं, इस सम्मेलन में यही चर्चा का मुख्य विषय होगा।
तो पाकिस्तान होता सबसे अमीर
साल 2010 में पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर समर मुबारकमंद ने कहा था कि उत्तरी वजीरिस्तान में तांबे और सोने के भंडार भी स्थित हैं। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान खनिज भंडार के मामले में दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है और इन भंडारों की उचित खोज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा था कि अगर हम सही तरीके से कदम उठाएं तो पाकिस्तान अगले दो दशकों में एक विकसित समृद्ध देश बन जाएगा। उन्होंने कहा था कि बलूचिस्तान में तांबे और सोने के भंडार की कीमत 273 अरब अमेरिकी डॉलर थी, जबकि उत्तरी वजीरिस्तान में भी इसी तरह के भंडार की खोज की गई थी।
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