मोदी सरकार के एक और बिल पर भड़के CM केजरीवाल, फिर होगी तकरार

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नईदिल्ली

दिल्ली सेवा बिल का शुरू से ही विरोध कर रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब मोदी सरकार के एक और बिल पर ऐतराज जताया है। केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी के सभी नेता एक सुर में यह कहते आए हैं कि संसद में दिल्ली सेवा बिल लाकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। हालांकि, अब दिल्ली सेवा बिल संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है। इधर सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार द्वारा संसद में लाए जा रहे एक और बिल पर अब ऐतराज जताया है और ट्वीट कर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने एक मीडिया रिपोर्ट को भी शेयर किया है और इसके साथ ही एक डॉक्यूमेंट भी शेयर किया है।

ट्वीट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, 'मैंने पहले ही कहा था – प्रधान मंत्री जी देश के सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते। उनका संदेश साफ़ है – जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश उन्हें पसंद नहीं आएगा, वो संसद में क़ानून लाकर उसे पलट देंगे। यदि PM खुले आम सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते तो ये बेहद ख़तरनाक स्थिति है। सुप्रीम कोर्ट ने एक निष्पक्ष कमेटी बनायी थी जो निष्पक्ष चुनाव आयुक्तों का चयन करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटकर मोदी जी ने ऐसी कमेटी बना दी जो उनके कंट्रोल में होगी और जिस से वो अपने मन पसंद व्यक्ति को चुनाव आयुक्त बना सकेंगे। इस से चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित होगी। एक के बाद एक निर्णयों से प्रधान मंत्री जी भारतीय जनतंत्र को कमज़ोर करते जा रहे हैं।'

आपको बता दें कि जिस मीडिया रिपोर्ट को केजरीवाल ने शेयर किया है उसमें कहा गया है कि इसी साल मार्च के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा था कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और चीफ जस्टिस की कमेटी की सिफारिश पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे। अब सीएम केजरीवाल का दावा है कि मोदी सरकार ने अदालत के इसी आदेश को बदल दिया है और एक कमेटी बना दी है। इसमें यह कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में भारत सरकार के सचिव का भी हस्तक्षेप होगा। कैबिनेट सेक्रेटरी और सचिव स्तर के दो अधिकारी मिलकर 5 लोगों का पैनल बनाएंगे और यह पैनल मुख्य चुनाव आयुक्त औऱ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करेगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मुहर लगेगी।

दिल्ली सेवा बिल का शुरू से ही विरोध कर रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब मोदी सरकार के एक और बिल पर ऐतराज जताया है। केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी के सभी नेता एक सुर में यह कहते आए हैं कि संसद में दिल्ली सेवा बिल लाकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। हालांकि, अब दिल्ली सेवा बिल संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है। इधर सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार द्वारा संसद में लाए जा रहे एक और बिल पर अब ऐतराज जताया है और ट्वीट कर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने एक मीडिया रिपोर्ट को भी शेयर किया है और इसके साथ ही एक डॉक्यूमेंट भी शेयर किया है।

ट्वीट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, 'मैंने पहले ही कहा था – प्रधान मंत्री जी देश के सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते। उनका संदेश साफ़ है – जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश उन्हें पसंद नहीं आएगा, वो संसद में क़ानून लाकर उसे पलट देंगे। यदि PM खुले आम सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते तो ये बेहद ख़तरनाक स्थिति है। सुप्रीम कोर्ट ने एक निष्पक्ष कमेटी बनायी थी जो निष्पक्ष चुनाव आयुक्तों का चयन करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटकर मोदी जी ने ऐसी कमेटी बना दी जो उनके कंट्रोल में होगी और जिस से वो अपने मन पसंद व्यक्ति को चुनाव आयुक्त बना सकेंगे। इस से चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित होगी। एक के बाद एक निर्णयों से प्रधान मंत्री जी भारतीय जनतंत्र को कमज़ोर करते जा रहे हैं।'

आपको बता दें कि जिस मीडिया रिपोर्ट को केजरीवाल ने शेयर किया है उसमें कहा गया है कि इसी साल मार्च के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा था कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और चीफ जस्टिस की कमेटी की सिफारिश पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे। अब सीएम केजरीवाल का दावा है कि मोदी सरकार ने अदालत के इसी आदेश को बदल दिया है और एक कमेटी बना दी है। इसमें यह कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में भारत सरकार के सचिव का भी हस्तक्षेप होगा। कैबिनेट सेक्रेटरी और सचिव स्तर के दो अधिकारी मिलकर 5 लोगों का पैनल बनाएंगे और यह पैनल मुख्य चुनाव आयुक्त औऱ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करेगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मुहर लगेगी।

 

 

 

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