चंडीगढ़.
कांग्रेस पार्टी की नई वर्किंग कमेटी सीडब्ल्यूसी का ऐलान कर दिया गया है। इस कमेटी में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम शामिल कर कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया है। सोनिया गांधी की बेहद करीबी अंबिका सोनी का नाम भी इसमें शामिल है, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू खरगे की टीम से आउट हो गए हैं। इसके अलावा मौजूदा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा का नाम शामिल नहीं किया गया है। हालांकि पंजाब के पूर्व गृह मंत्री रहे सुखजिंदर रंधावा का नाम शामिल है। लिस्ट में श्री आनंदपुर साहिब से मौजूदा सांसद मनीष तिवारी के साथ चंडीगढ़ से कई बार एमपी रह चुके पवन बंसल भी हैं।
चन्नी के जरिए दलित वोट बैंक पर नजर
ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस ने दलित समुदाय के वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए इस लिस्ट में चरणजीत सिंह चन्नी का नाम शामिल किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब में दलित कार्ड चलाया था। दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को नया सीएम बनाने का ऐलान किया और चन्नी पंजाब के पहले सिख दलित मुख्यमंत्री बने। चमकौर साहिब विधानसभा सीट से विधायक चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब सरकार में तकनीकी मंत्री रह चुके हैं। रामदसिया सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चन्नी वर्ष 2017 में 47 साल की उम्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे।
हार के बाद राजनीति से गायब थे चन्नी
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद तस्वीर पूरी तरह से बदल गई। सीएम होने के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी अपनी विधानसभा सीट पर भी जीत हासिल नहीं कर पाए। करीब 6 महीने तक पंजाब की राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बने रहे चरणजीत सिंह चन्नी अब पूरी तरह से गायब नजर आ रहे हैं। सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी सरकार के निशाने पर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी आ गए।आय से अधिक संपत्ति मामले में राज्य सतर्कता विभाग उन्हें कई बार तलब कर चुका है। वहीं रेत खनन मामले में चन्नी के भांजे की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन से भी 6 घंटे तक पूछताछ की थी। पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने भी उन पर एक खिलाड़ी को सरकारी नौकरी देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए जांच की बात कही थी।
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