भोपाल
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून ब्रेक हो गया है। इस सीजन में ऐसा दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 5 से 17 अगस्त तक मानसून ब्रेक रहा था। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मध्यप्रदेश में 5-6 सितंबर तक तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या लोकल सिस्टम की एक्टिविटी हो सकती है। तेज बारिश नहीं होने से सामान्य बारिश का आंकड़ा लुढ़क सकता है।
अभी प्रदेश में ओवरऑल बारिश का आंकड़ा 8% कम है। औसत 26 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 28.30 इंच बारिश होनी चाहिए थी। अगस्त में तेज बारिश नहीं होने के कारण आंकड़े में लगातार गिरावट आ रही है। करीब 10 दिन का फिर मानसून ब्रेक होने से आंकड़े में और भी गिरावट होगी।
इसलिए मानसून ब्रेक की स्थिति
IMD भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि दक्षिण उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती घेरा सक्रिय था। इसी से होते हुए मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही थी। अब यह सिस्टम कमजोर पड़ कर उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास है। इसका मध्यप्रदेश पर ज्यादा असर नहीं है। इस कारण प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क हो रहा है। हालांकि, ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कहीं-कहीं पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। 5 से 6 सितंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। कहीं-कहीं लोकल सिस्टम की वजह से कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया कि मानसून का यह सेकंड हाफ है। एक-दो दिन में ट्रफ लाइन हिमालय की तरफ शिफ्ट हो जाएगी। इससे मध्य भारत के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति रहेगी।
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