व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के भारत न आने पर हल्ला क्यों? पहले भी कई नेताओं ने छोड़ी G-20 बैठक

देश

 नई दिल्ली
भारत की अध्यक्षता में होने जा रहे G-20 शिखर सम्मेलन में दो बड़े मेहमान शामिल नहीं हो रहे हैं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग का नाम शामिल है। दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी की चर्चाएं हैं। इसपर विपक्षी दल कांग्रेस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से जवाब की उम्मीद भी जताई है। हालांकि, राष्ट्र प्रमुखों का इस तरह के शिखर सम्मेलनों को छोड़ना नई बात नहीं है।

क्या बोली कांग्रेस
कांग्रेस इसे लेकर विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, 'देश को जी20 की बारी-बारी से मिलने वाली (रोटेशनल) अध्यक्षता हासिल हुई है। आपने कार्यक्रम का आयोजन बहुत अच्छा किया है। इसमें दो राष्ट्राध्यक्ष नहीं आ रहे हैं तो सवाल उठेंगे और जवाब की उम्मीद भी होगी। हमारे विदेश मंत्री (एस जयशंकर) काबिल हैं, पढ़े लिखें हैं, लेकिन आजकल बदले-बदले नजर आ रहे हैं..उम्मीद है कि वह अपने विभाग को लेकर कुछ कहेंगे।'

ये देश हर बार हुए शामिल
साल 2008 में जब जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई, तो लगभग हर आयोजन में नेता पहुंचे हैं। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया, तुर्की और यूरोपियन यूनियन के नेता हर बार जी-20 की बैठक का हिस्सा बने। शुरुआत के तीन साल यानी 2008, 2009 और 2010 में सभी 20 सदस्य देश शामिल हुए।

इन नेताओं ने छोड़ा सम्मेलन
जून 2010 में पहला मौका आया, जब टोरंटो में आयोजित बैठक में ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील के राष्ट्रप्रमुख नहीं पहुंचे थे। उस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपप्रधानमंत्री वेन स्वान ने की थी। जबकि, ब्राजील समूह का नेतृत्व वित्त मंत्री ने किया था।

साल 2013 में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री बॉब कार पहुंचे थे। जबकि, 2014 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित बैठक में अर्जेंटीना और सऊदी अरब के नेता शामिल नहीं हुए। 2015 शिखर सम्मेलन का फ्रांस और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हिस्सा नहीं बने थे। साल 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए सम्मेलन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति नहीं पहुंचे और 2019 में ओसाका की जी20 मीटिंग में अर्जेंटीना और मैक्सिको के राष्ट्रपति नहीं गए थे।

नवंबर 2010 में दक्षिण कोरिया के सिओल में हुए जी-20 सम्मेलन में सऊदी अरब के किंग अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज नहीं गए थे। कहा जाता है कि सऊदी अरब के राजा ने कई जी-20 बैठकें छोड़ीं और उनके स्थान पर राजकुमार या मंत्री गए। किंग 2013 के शिखर सम्मेलन में भी नहीं गए थे। खास बात है कि साल 2020 में सऊदी अरब की अध्यक्षता में ही जी20 शिखर सम्मेलन होना था, लेकिन कोविड के चलते यह वर्चुअली आयोजित हुआ।

2011 में कान्स और 2012 में लॉस काबोस सम्मेलन में सऊदी प्रतिनिधि मंडल वित्त मंत्री इब्राहिम अब्दुलअजीज अल असफ की अगुवाई में पहुंचा था। 2014 में ब्रिस्बेन में क्राउन प्रिंस डेलिगेशन के साथ पहुंचे थे। 2022 में बाली शिखर सम्मेलन में भी ब्राजील, मैक्सिको, सऊदी अरब और रूस के राष्ट्र प्रमुख नहीं पहुंचे थे

 

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