नईदिल्ली
दिल्ली पुलिस ने चीन से फंडिंग मामले में मंगलवार को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के दफ्तर की तलाशी ली। इसके बाद पोर्टल के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों को बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया गया। जहां से इन्हें सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस ने डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों आदि को जांच के लिए जब्त कर लिया था। पुलिस की स्पेशल सेल ने समाचार पोर्टल और उसके पत्रकारों से जुड़े 30 ठिकानों की तलाशी ली थी।
कई बड़े नाम शामिल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन पत्रकारों से पूछताछ की गई उनमें कई वरिष्ठ नाम शामिल हैं। इन पत्रकारों के संपर्क में रहे एक इतिहासकार को भी पूछताछ के दायरे में रखा गया। सूत्रों के मुताबिक, इनसे पुलिस ने उनकी विदेश यात्रा, उनके बैंक खातों में भेजी गई रकम के अलावा कुछ संवेदनशील मुद्दों पर सवाल पूछे। इसमें शाहीन बाग के विरोध-प्रदर्शन के साथ-साथ किसान आंदोलन सहित विभिन्न मुद्दों से संबंधित करीब 25 प्रश्न पूछे गए।
सोशल मीडिया पर जानकारी दी
पोर्टल के साथ सलाहकार के रूप में जुड़े पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने एक्स पर लिखा कि गुरुग्राम में मेरे घर आए नौ पुलिसकर्मियों ने कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा, मैं स्वेच्छा से उनके साथ विशेष प्रकोष्ठ आया था। यहां आने के बाद मुझे पता चला कि यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सत्ता के खिलाफ सच बोलने वालों पर कार्रवाई
विपक्षी गठबंधन इंडिया ने न्यूजक्लिक से जुड़े पत्रकारों पर छापेमारी की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की कार्रवाई सत्ता के सामने सच बोलने वाले लोगों के खिलाफ है। यह कार्रवाई नफरत और विभाजन फैलाने वालों के खिलाफ नहीं है। विपक्षी गठबंधन ने एक बयान में कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों द्वारा मीडिया संगठनों पर कब्ज़ा करने की सुविधा देकर समाचार संगठनों को अपने वैचारिक हितों के लिए मुखपत्र में बदलने की भी कोशिश की है। बयान में कहा गया कि सरकार और उसके वैचारिक रूप से जुड़े संगठनों दोनों ने सत्ता के सामने सच बोलने वाले व्यक्तिगत पत्रकारों के खिलाफ प्रतिशोध का सहारा लिया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

