रायपुर.
विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही एक बार फिर शराब पर सियासत शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स (ट्वीटर) पर ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार में रहते हुए भाजपा आदिवासी बच्चों को स्किल डवलमेंट मिशन के तहत शराब परोशने की ट्रेनिंग देते थे, जबकि कांग्रेस सरकार ने 12वीं पास छात्रों को नीट, जेईई, पीएससी जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग योजना शुरू की है। हमने कोटा के कोचिंग संस्थानों से एमओयू किया है। इतना बदला है छत्तीसगढ़..।
वहीं प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा को अपने इस कृत्य के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश में शराब की खपत में कमी आई है। कांग्रेस सरकार के पांच सालों में प्रति व्यक्ति शराब की खपत में छत्तीसगढ़ 18वें नंबर पर आ गया है। राज्य में शराब की खपत कम करने कांग्रेस सरकार ने 100 से अधिक शराब दुकानों को बंद किया। आज छत्तीसगढ़ में 2018 की अपेक्षा अंग्रेजी शराब की खपत में 15 फीसदी और देशी शराब की खपत में 10 प्रतिशत की कमी आई है।
घर-घर शराब पहुंचाने का काम कांग्रेस ने किया है : भाजपा
कांग्रेस के सवालों पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि नकली और जहरीली शराब से लोगों की जान लेकर मुख्यमंत्री जिम्मेदारी से मुंह चुरा रहे हैं। भाजपा सरकार पर शराब बेचने की ट्रेनिंग देने का आरोप लगाया जाना उस कहावत को चरितार्थ कर रहा है कि सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद! अपनी वादाखिलाफी और शराब घोटाले के काले कारनामों को ढंकने के लिए लाख झूठ बोलकर, स्तरहीन बयान देकर भी मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ को शराब के दलदल में धकेलने के पाप से बरी नहीं हो पाएंगे।
प्रदेश साक्षी है कि पूर्ण शराबबंदी का वादा करने के बावजूद प्रदेशभर में गांव-गांव, गली-गली और घर-घर शराब पहुँचाने का अध्याय मुख्यमंत्री बघेल के शासनकाल में लिखा जा रहा है, शराब की प्रीमियम दुकानें चल रही हैं, नकली होलोग्राम बनाए जा रहे हैं और गंगाजल की कसम खाकर मां गंगा तक को अपमानित करने का कृत्य कांग्रेस के शासनकाल में हुआ।
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