हांगझोउ
एशियाई खेलों में कबड्डी स्पर्धा के फाइनल में भारत ने ईरान को करीबी मुकाबले में 33-29 से परास्त कर आठवीं बार खिताब अपने नाम किया।
2018 में जकार्ता एशियाई खेल में भारत सेमीफाइनल में ईरान से हार गया था। इससे पहले बीजिंग 1990 में एशियन गेम्स में कबड्डी की शुरुआत के बाद से भारत ने सभी सात स्वर्ण पदक जीते थे।
कप्तान फज़ल अत्राचली के नेतृत्व में मजबूत ईरानी डिफेंस ने जबरदस्त टैकल से भारत पर शुरुआत में दबाव बनाए रखा, हालांकि भारतीय कबड्डी कप्तान पवन सहरावत और रेडर नवीन कुमार ने लगातार अंक हासिल करिते भारत को मैच में बनाए रखा।
उप-कप्तान सुनील कुमार के नेतृत्व में भारतीय डिफेंस ने ईरान को ऑल-आउट करने में मदद की और ब्रेक होने तक 17-13 के स्कोर के साथ चार अंकों की बढ़त हासिल कर ली। इस दौरान असलम इनामदार और नवीन कुमार ने भी महत्वपूर्ण रेडिंग अंक हासिल किए। भारत ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही कुछ अंक हासिल किए, लेकिन ईरान ने भारत को ऑल-आउट कर दिया और फुल टाइम के 10 मिनट पहले स्कोर 25-ऑल से बराबर कर लिया।
इसके बाद पवन सहरावत ने भारत को आगे बढ़ाया और कप्तान फज़ल अत्राचली को रेड में आउट कर दिया। इसी के साथ भारत 28-25 से आगे हो गया। ईरान ने लगातार तीन अंकों के साथ वापसी की और सीटी बजने से केवल एक मिनट पहले स्कोर 28 की बराबरी पर था।
डू या डाई की रेड में पवन सहरावत ने तीन अंक जीतकर अपनी टीम को फिर से बढ़त दिला दी। हालांकि, मैच को निलंबित कर दिया गया क्योंकि रेफरी और टीमों ने पवन सहरावत की रेड पर हासिल किए अंकों पर स्पष्टीकरण मांगा।
इसके बाद ईरान की ओर से अलीरेज़ा मिज़ेइयन रेड के लिए गए लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें आउट कर दिया। अंतिम कुछ सेकेंड में नवीन कुमार अपनी रेड के साथ एक अंक जीतने में सफल रहे और इसी के साथ भारत ने जीत हासिल कर ली।
इससे पहले भारत ने ग्रुप चरण में चार मैचों में से चार जीत के साथ अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया। ईरान ने सेमीफाइनल तक अजेय सफर तय किया और फाइनल में जगह बनाने के लिए चीनी ताइपे को हराया।
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