भोपाल
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची के आने के बाद टिकट कटने से असंतोष और बगावत बढ़ गई है। इस बीच सोमवार को भाजपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले वीरेंद्र रघुवंशी का टिकट कटने पर समर्थक पीसीसी चीफ कमलनाथ से मिलने पहुंचे। इसका वीडियो भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने शेयर करते हुए लिखा। इसमें कमलनाथ कह रहे है कि आप दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपड़े फाड़िए। इस पर आशीष अग्रवाल ने लिखा कि अरे कमलनाथ जी आप तो कपड़े फड़वाने पर भी उतारू हो गए। खैर आप भी कर ही क्या सकते हैं जब पूरी कांग्रेस ही दो फाड़ हो गई है। वैसे शिवपुरी से आए वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थकों की कमलनाथ जी से बातचीत का यह वीडियो देख दिग्विजय सिंह जी आप आपके सुपुत्र को पीड़ा तो जरूर होगी और बदला भी तगड़ा लेंगे! अब देखना दिलचस्प होगा कि कपड़े कौन किसके फाड़ेगा। इस पर कांग्रेस की तरफ से वीडियो के फेक होने की आशंका जताई है।
"दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपड़े फाड़िए…"
अरे कमलनाथ जी आप तो कपड़े फड़वाने पर भी उतारू हो गये।
खैर आप भी कर ही क्या सकते हैं जब पूरी कांग्रेस ही दो फाड़ हो गई है।
दिग्विजय बोले-बड़े लोग धैर्य पूर्वक समाधान निकालें
हालांकि मंगलवार को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद्व दोनों होते हैं। समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकालें। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं। नर्मदे हर। इसे उन्होंने एमपी कांग्रेस, आईएनसी कांग्रेस, एमपी बीजेपी, बीजेपी इंडिया और कमलनाथ के सोशल मीडिया अकाउंट को भी टैग किया। इस ट्वीट पर कयास लगाए जा रहे है कि कांग्रेस में टिकट को लेकर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद्व दोनों होते हैं। समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकालें। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं।
कांग्रेस में बगावत ने बढ़ाई मुसीबत
प्रदेश कांग्रेस में टिकट कटने के बाद लगातार नेता पार्टी से बागी होकर दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे है। वहीं, अपने नेता को टिकट नहीं मिलने पर कार्यकर्ता भी काम नहीं करने की चेतावनी दे चुके है। कांग्रेस के नागौद से बागी पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह को बसपा ने टिकट दे दिया है। कांग्रेस के धार से पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव और ग्वालियर कांग्रेस नेता केदार कंसाना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह दोनों निर्दलीय चुनाव लड़ सकते है। उज्जैन के कांग्रेस नेता विवेक यादव आप में शामिल हो गए।
वीडियो में कमलनाथ कहते दिख रहे हैं- ये बात मैंने दिग्विजय सिंह पर छोड़ दी। इसमें कोई मिस अंडरस्टैंडिंग हो गई। आप वीरेंद्र की बात मत कीजिए। मैंने उसे जॉइन कराया है। केपी सिंह (शिवपुरी से कांग्रेस उम्मीदवार) ने कहा कि मेरी दिग्विजय सिंह से बात हो गई। दिग्विजय सिंह बोले कि मेरी केपी सिंह से बात हो गई। बाद में कहते हैं कि अरे, ऐसा तो हमने समझा नहीं था।
मैंने कहा कि अब तुम लोग समझ लो। कल शाम को मैंने दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाया है। केपी सिंह शिवपुरी क्यों जाएं। ये बात मुझे समझ नहीं आई। मैं तो खुद वीरेंद्र के सामने शर्मिंदा हुआ। मुझे रघुवंशी समाज को देना है। मैं खुद ढूंढ रहा हूं। वहां राजकुमार है। वो दूसरा है, जिसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य है, उसकी पत्नी को लड़ा दो। देना रघुवंशी को है।
शिवपुरी की बात दिग्विजय सिंह, जयवर्धन से करेंगे। जैसा वो कहेंगे, वैसा करेंगे। वीरेंद्र को जितना तुम लोग नहीं चाहते, उससे ज्यादा मैं चाहता हूं। तुम लोग मुझे क्या समझाने आए हो। अब जाकर दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के कपडे़ फाड़ो। ये मत कहिएगा कि मैंने कहा है।
BJP का तंज, दिग्विजय और कमलनाथ के बीच अंतर्कलह
BJP प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने VIDEO पोस्ट कर लिखा, 'यह हालत है कि कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हें टिकटों का होश ही नहीं। कोई भी कन्फ्यूजन पैदा कर टिकट फाइनल करा रहा है। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच की अंतर्कलह साफ दिखाई दे रही है।
BJP के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने वीडियो के साथ अपनी पोस्ट में लिखा, 'अरे कमलनाथ जी, आप तो कपड़े फड़वाने पर भी उतारू हो गए। खैर, आप कर ही क्या सकते हैं, जब पूरी कांग्रेस ही दो फाड़ हो गई है। वैसे शिवपुरी से आए वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थकों की कमलनाथ जी से बातचीत का यह VIDEO देख दिग्विजय सिंह जी आप और आपके सुपुत्र को पीड़ा तो जरूर होगी और बदला भी तगड़ा लेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि कपड़े कौन किसके फाड़ेगा।'
दिग्विजय बोले- बड़े परिवार में सामूहिक सुख और द्वंद्व होते हैं
दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद्व दोनों होते हैं। समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकालें। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं, जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं।
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