भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अपने सभी उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अंतिम सूची में पार्टी ने कुछ नेताओं के टिकट बदले हैं। लेकिन वे नेता चुनाव मैदान छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वे निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं। इस बीच कांग्रेस में मचे घमासान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने सपा चीफ अखिलेश यादव के बयान का जिक्र करते हुए कहा कांग्रेस कितनी धोखेबाज है यह समझा जा सकता है।
गुरुवार देर रात आई कांग्रेस की दूसरी सूची में जिन तीन उम्मीदवारों के टिकट बदले हैं, उनमें से दो बगावत कर सकते हैं। टिकट मिलने के बाद उनके टिकट काटने को लेकर इनके समर्थकों में कांग्रेस के प्रति भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है। टिकट देकर टिकट काटने के बाद सबसे ज्यादा खफा गोटेगांव से शेखर चौधरी हैं। शेखर चौधरी ने ऐलान कर दिया है कि वे अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। वहीं दतिया से अवधेश नायक अपने समर्थकों के साथ आगे की रणनीति तय करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में दतिया से अवधेश नायक का टिकट बदल कर राजेंद्र भारती को उम्मीदवार बनाया। गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी का टिकट बदलकर एनपी प्रजापति को टिकट दिया। इसी तरह पिछौर से शैलेंद्र सिंह का टिकट बदल कर अरविंद सिंह लौधी को टिकट दिया गया। इन तीनों में से शेखर चौधरी और अवधेश नायक अब अपने समर्थकों के साथ रायमुश्वरा कर रहे हैं।
अवधेश नायक को समर्थकों के फैसले का इंतजार
इधर दतिया से अवधेश नायक को टिकट वापस लेकर राजेंद्र भारती को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। अवधेश नायक हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व का यह निर्णय है। अब हम अपने समर्थकों के साथ बातचीत कर रहे हैं। वे जो आदेश देंगे वैसा हमारा निर्णय होगा। हालांकि नायक ने कहा कि हय कांग्रेस की वादा खिलाफी नहीं हैं। परिस्थिति ऐसी बनी होगी, इसलिए पार्टी को मेरा टिकट बदलने का निर्णय लेना पड़ा।
शेखर चौधरी के तीखे तेवर
पूर्व विधायक शेखर चौधरी ने कहा है कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वे हर हाल में चुनाव लड़े। इसलिए वे इस चुनाव में चुनाव लड़ेंगे। अभी यह तय करना है कि वे किसी अन्य दल से या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। शेखर चौधरी के चुनाव में उतरते ही यहां पर मुकाबाल त्रिकोणीय हो जाएगा। अभी भाजपा ने इस सीट से प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। शेखर चौधरी भाजपा में भी रह चुके हैं। उन्होंने 2008 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, तब उनका मुकाबला नर्मदा प्रसाद प्रजापति से ही हुआ था। हालांकि इससे पहले वर्ष 1998 में शेखर चौधरी कांग्रेस के टिकट पर विधायक बन चुके हैं।
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