AAP ने राजस्थान में कैंडिडेट की लिस्ट जारी करने में देरी क्यों की?

राज्य

जयपुर

आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए तो उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया, लेकिन चुनाव की तारीख का ऐलान होने के बावजूद राजस्थान में अब तक उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में सवाल उठा कि क्या आम आदमी पार्टी कांग्रेस के उम्मीदवारों की लिस्ट का इंतजार कर रही है या देरी के पीछे कोई और ही वजह है?

'आज तक' ने आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रभारी विनय कुमार मिश्रा से बातचीत की है. AAP नेता ने राजस्थान में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने में हुई देरी की वजह बताते हुए कहा कि राजस्थान की हर सीट पर संभावित उम्मीदवारों का चयन हो चुका है. लेकिन पितृ पक्ष की वजह से नामों की घोषणा रुकी हुई थी, लेकिन जल्द ही PAC फैसला लेगी और एक से दो दिन में पहली लिस्ट जारी होगी. 

अब तक राजस्थान में कांग्रेस की लिस्ट जारी न होने और INDIA गठबंधन के बारे में सवाल पूछे जाने पर AAP के राजस्थान प्रभारी ने कहा कि INDIA गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए हुआ है, जबकि राजस्थान में AAP सभी 200 सीट पर अकेले और मजबूती से चुनाव लड़ेगी.

AAP नेता ने कहा कि राजस्थान के लिए अरविंद केजरीवाल ने जिन 7 गारंटियों का ऐलान किया है, उन्हें प्रचार के दौरान घर-घर पहुंचाने पर फोकस रहेगा. 

साथ ही आम आदमी पार्टी जल्द ही राजस्थान में व्यापारियों, किसानों, महिलाओं और शिक्षा से जुड़े टाउनहॉल का आयोजन भी करेगी. राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी सरकार के दिल्ली और पंजाब के मंत्री भी प्रचार करने जाएंगे.

क्या आम आदमी पार्टी कांग्रेस की लिस्ट का इंतजार कर रही है? इस सवाल के जवाब पर आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रभारी विनय कुमार मिश्रा ने कहा कि उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के मामले में राष्ट्रीय नेतृत्व फैसला करेगा. लेकिन बहुत जल्द कैंडिडेट की लिस्ट जारी होगी. संभावित प्रत्याशियों ने ग्राउंड पर काम करना भी शुरू कर दिया है. हर सीट पर अच्छे प्रत्याशी होंगे, एक लिस्ट पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी को दी गई है. युवा और महिलाओं उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा, जल्द ही घोषणा की जाएगी.

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सामने कितनी बड़ी चुनौती है? इस सवाल के जवाब में AAP नेता ने कहा कि चुनौती आम आदमी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के लिए है. आज भाजपा को सांसदों को चुनाव लड़वाना पड़ रहा है. राजस्थान में भाजपा सांसदों को क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जा रहा है और जनता सांसदों में सवाल पूछ रही है. वहीं कांग्रेस में भी अंदरूनी झगड़ा काफी ज्यादा है. पंजाब में सरकार बनने के बाद राजस्थान में आम आदमी पार्टी एक मजबूत चुनौती बनकर उभरी है. भाजपा और कांग्रेस को राजस्थान में आम आदमी पार्टी से डर लगता है. यही वजह है कि राजस्थान में कांग्रेस ने अबतक उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की है.

 

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