प्रदेश की 9 सीटों पर कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकते हैं बागी नेता, दिग्गजों की सीट में भी फंसा पेंच

राजनीती

भोपाल
 मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की वापसी का समय समाप्त हो गया है। बीजेपी-कांग्रेस को कई नाराज नेताओं ने अपना नामांकन वापस ले लिया है लेकिन कई नेता हैं जो अभी भी मैदान नें डंटे हुए हैं। बागियों के मैदान में उतरने से कई सीटों पर मुकाबला रोचक हो गया है। कुछ सीटों पर मामला त्रिकोण हो गया है। बीजेपी के जहां कई बागियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं वहीं, कांग्रेस के ज्यादातर बागी मैदान में हैं। बागियों के मैदान में जमे रहने से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

विधानसभा सभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कई सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए हैं। जिन नेताओं के टिकट बदल गए हैं वो भी चुनाव मैदान में हैं हालांकि वे अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी के भी कई नेताओं ने नामांकन दाखिल किया था। हालांकि पार्टी के सीनियर नेताओं ने कुछ नाराज नेताओं को मना लिया है।

9 सीटों पर है सबसे ज्यादा बगावत
9 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस की बगावत से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। भोपाल उत्तर से सीनियर आरिफ अकील के छोटे भाई आमिर अकील मैदान में हैं। अमीर अकील के चुनाव लड़ने से इंकार करने के बाद कांग्रेस ने उनके बेटे को टिकट दिया है। जिस कारण से आरिफ अकील के छोटे भाई नाराज हैं और चुनाव मैदान में हैं। वहीं, उत्तर विधानसभा सीट से ही नासिर इस्लाम भी चुनाव मैदान में हैं।

महू विधानसभा सीट से अंतर सिंह दरबार, आलोट विधानसभा सीट से पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू चुनाव मैदान में हैं। खरगापुर विधानसभा सीट से अजय यादव ने नामांकन वापस नहीं लिया है। सिवनी मालवा विधानसभा सीट से ओपी रघुवंशी, गोटेगांव विधानसभा सीट से शेखर चौधरी, बरगी विधानसभा सीट से जयकांत सिंह और वडनगर विधानसभा सीट से राजेंद्र सिंह सोलंकी चुनाव मैदान में हैं।

एमपी में 17 नवंबर को होगी वोटिंग
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव एक ही चरण में पूरे होंगे। विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 17 नवंबर को वोटिंग होगी। चुनाव का रिजल्ट 3 दिसंबर को जारी किया जाएगा।

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