पटना
सरकारी कर्मी का दर्जा और मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंगनबाड़ी सेविका पिछले कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना दे रही हैं. आज इन लोगों ने शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बिहार विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. हालांकि पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर इनको वहां से हटा दिया. इस दौरान कई आंगनबाड़ी सेविकाएं घायल भी हुईं हैं.
पटना में आंगनबाड़ी सेविका का प्रदर्शन: ये तमाम आंगनबाड़ी सेविका बिहार विधानसभा का घेराव करने जा रही थीं लेकिन जैसे ही वह विधानसभा के पास पहुंचीं, पुलिस ने उनको रोक लिया. पुलिस की बात नहीं मानकर महिलाओं का हुजूम आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया.
पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बात नहीं बनी और आंगनबाड़ी सेविका आगे बढ़ने लगीं. जिसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर दिया. इस दौरान कई महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं और चोटिल हो गईं. पुलिस की सख्ती से आंगनबाड़ी सेविका काफी नाराज दिख रही हैं.
क्या बोलीं आंगनबाड़ी सेविका?: प्रदर्शन में शामिल आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि वो लोग तो अपने अधिकार के लिए आवाज उठा रही हैं. हमलोग काफी समय से काम कर रहे हैं. हमारी मांग है कि हमारा मानदेय बढ़ाया जाए और सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाए लेकिन न तो सरकार हमारी बात सुन रही हैं और न ही पुलिस आगे बढ़ने दे रही है.
"सरकार हम लोगों के साथ अन्याय कर रही है. हम लोगों का मानदेय कम से कम 25000 रुपये होना चाहिए. छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं तक का काम हम लोग करते हैं. सरकार की जो योजना है, उसको ठीक ढंग से चला रहे हैं. बावजूद हमारा मानदेय नहीं बढ़ाया जा रहा है"- सुनीता देवी, आंगनबाड़ी सेविका
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