नई दिल्ली
राजस्थान से लेकर तेलंगाना तक रविवार को आए चुनाव नतीजों ने कई नेताओं को भविष्य की नई राह दिखाई है तो कुछ के लिए यह डेड एंड जैसी स्थिति बन गई है। अपने-अपने राज्यों के टॉप नेता रहे इन लोगों की उम्र 70 के करीब है और 5 साल बाद होने वाले अगले चुनाव तक क्या स्थिति होगी, उसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। इन नेताओं में राजस्थान से अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे हैं, जबकि मध्य प्रदेश में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के आगे यही स्थिति है। वहीं तेलंगाना में केसीआर के आगे भी यह संकट पैदा हो सकता है।
सीएम नहीं बनीं तो क्या होगा वसुंधरा राजे का भविष्य
वसुधंरा राजे को भाजपा ने इस बार सीएम फेस घोषित नहीं किया था। इसके बाद भी भाजपा ने 115 सीटें जीत ली हैं। खुद वसुंधरा राजे ने पीएम नरेंद्र मोदी को जीत का क्रेडिट दिया है। इस बीच राजस्थान में सीएम पद को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें महंत बालकनाथ, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और सतीश पूनिया जैसे नेता चर्चा में हैं। ऐसे में वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने खुद चुनाव प्रचार के दौरान अपने बारे में कयास पैदा कर दिए थे, जब उन्होंने कहा था कि उनके बेटे दुष्यंत सिंह सांसद के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें झालावाड़ को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। 70 साल की हो चुकीं वसुंधरा राजे यदि सीएम नहीं बनती हैं तो आगे उनके लिए क्या अवसर होंगे, यह कहना मुश्किल है।
77 साल के कमलनाथ की खत्म होगी सियासी पारी?
मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कमलनाथ को ही आगे करके चुनाव लड़ा था। वह पूरे कैंपेन में सबसे आगे रहे, लेकिन नतीजा बेहद निराशा करने वाला रहा है। 77 साल के कमलनाथ का आगे क्या भविष्य होगा, यह कहना मुश्किल है। कुछ वक्त पहले उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की भी चर्चा थी, लेकिन उन्होंने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। ऐसे में अब उनके लिए कांग्रेस में क्या भूमिका होगी, यह कहना मुश्किल है। इसके अलावा पार्टी में दिग्विजय सिंह और उनके खेमे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो सकता है।
पायलट से खूब हुई लड़ाई, पर अब क्या करेंगे अशोक गहलोत
राजस्थान में बीते 5 सालों में अशोक गहलोत ने सचिन पायलट से अदावत के बीच ही सरकार चलाई थी। फिर चुनाव हुए तो उसमें भी इसका असर दिखा। अब नतीजे सामने हैं और अशोक गहलोत सत्ता से बेदखल हो चुके हैं। उनकी उम्र फिलहाल 73 साल है और सचिन पायलट को हाईकमान ने जिस इंतजार की बात कही थी, वह शायद 5 साल बाद पूरा जाएगा। ऐसे में अशोक गहलोत राजस्थान या फिर केंद्र में कांग्रेस में किस भूमिका में होगे, यह बड़ा सवाल है। माना जा रहा है कि उनकी सियासी पारी को अब विराम लग सकता है।
छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को लेकर कयास
छत्तीसगढ़ में भी भाजपा ने राजस्थान और एमपी की तरह ही बिना किसी सीएम फेस के चुनाव लड़ा था। इसके बाद भी चौंकाने वाले नतीजे आए हैं तो क्रेडिट पीएम मोदी और केंद्रीय नेतृत्व को ही दिया जा रहा है। इस बीच सवाल यह भी है कि 15 सालों तक सीएम रहे रमन सिंह का अब क्या होगा। उनका नाम सीएम के लिए भी चर्चा में है, लेकिन पीएम मोदी जिस तरह नए प्रयोग करते रहे हैं, उसे देखते हुए उनकी भूमिका को लेकर कयास भी खूब हैं। फिलहाल उनके लिए राह बहुत आसान नहीं लगती।
केसीआर के लिए अब आर-पार जैसे हालात
तेलंगाना के गठन के लिए आंदोलन चलाने वाले केसीआर को 10 साल बाद सत्ता से बेदखल होना पड़ा है। केसीआर को खुद ही अपनी सीट पर मात झेलनी पड़ी और कांग्रेस को जीत मिली है। 69 साल के केसीआर 10 साल सीएम रहे हैं और अब अगली बार चुनाव तक उनकी उम्र 74 होगी। ऐसे में यह देखना होगा कि आगे की लड़ाई के लिए वह बेटे को तैयार करते हैं या फिर खुद राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख कर बेटे को राज्य में मौका देंगे।
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