डिण्डौरी
अक्सर विवाह के कुछ महीने या साल भर बाद ही दंपती के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद की शुरुआत होती है। फिर दोनों एक-दूसरे से अलग रहने लगते हैं। पुलिस तक शिकायत पहुंच जाती है। ऐसे घरेलू मामले में पुलिस अब सीधे मुकदमा दर्ज नहीं करती बल्कि परिवार परामर्श केंद्र में भेज देती है। ऐसे ही मामलों को महिला थाना डिंडोरी मे संचालित परिवार परामर्श केंद द्वारा माननीय न्यायालय डिंडोरी में आज दिनांक 09/12/23 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में परिवार परामर्श केंद्र की टीम द्वारा 37 दंपतियों की काउंसलिंग की जिसमें दस जोड़ों के बीच समझौता हुआ ,पति-पत्नी के बीच को विवाद को महिला थाना डिंडोरी के महिला पुलिस काउंसलर ने बैठकर सुनवाई की,जिनमें से दस जोड़े खुशी-खुशी अपने घर चले गए।
नेशनल लोक अदालत में परिवार परामर्श केंद्र डिंडोरी में लंबित 37 फाइलें आई। जिसमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रही अनबन को दूर करने में महिला थाना पुलिस कौंसलरों की समझाइश के बाद पक्षकारों ने आपसी दुश्मनी को भूलकर जीवन-भर साथ जीवन गुजारने का संकल्प लिया और राजीनामा कर अपने-अपने घरों को हंसी-खुशी समझाइस के बाद एक दूसरे के साथ दोबारा कभी लड़ाई न लड़ने और साथ रहने का वादा माननीय न्यायधीशों जिला सत्र न्यायाधीश नीना
आशापुरे ,ए.डी.जे. हिदायतुल्ला खान, सीजेएम. सुनील अहिरवार,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तम डार्बी के सामने लिया जिसके बाद सभी दस जोड़ों ने एक दूसरे को माला पहनाया और खुशी खुशी अपने घर गए है।
विवादग्रस्त दंपत्तियों की काउंसलिंग में महिला थाना प्रभारी उप निरी.सुश्री प्रशंसा टाडिया, सहा.उप निरी. ओम सिंह ठाकुर,जमुना धनंजय,महिला प्र.आर. राजकुमारी बिंझी और अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
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