इजरायल-हमास युद्ध की वजह से इसबार सूना यीशु का घर, न क्रिसमस ट्री, न सेलिब्रेशन

दुनिया

बेथलहम.

क्रिसमस पर दुनियाभर में जश्न मनाया जा रहा है। आज ईसाइयों के भगवान यीशु का जन्मदिन है। इस दिन की सबसे अधिक रौनक बेथलहम शहर में रहती है। ईसाइयों का मानना है कि यहीं यीशु का जन्म हुआ था। लेकिन, इस बार यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यहां कोई भी नहीं आ रहा। इजरायली हमले से फिलिस्तीनी शहर में जाने से पर्यटकों और तीर्थयात्री डर रहे हैं।

क्रिसमस पर पिछले साल तक फिलिस्तीनी शहर बेथलहम आबाद, खुशनुमा और व्यस्त रहा करता था। इस बार युद्ध ने इस शहर को वीरान कर दिया है। गोलियों की तड़तड़ाहट ने यहां के लोगों की जीवन में रंग में भंग डाल दिया है। पर्यटकों के न आने की वजह से होटल, रेस्तरां और दुकानें वीरान हो गई हैं। बेथलहम दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। यहां लोग चर्च ऑफ द नेटिविटी को देखने आते हैं। ईसाइयों का मानना ​​है कि यह उस स्थान पर है जहां यीशु का जन्म हुआ था।

इजरायल-हमास युद्ध का असर
दरअसल, 7 अक्टूबर को हमास के दक्षिणी इजरायल में आतंकी हमले के बाद से दुनिया दूसरे महायुद्ध को देख रहा है। हमास के हमले के जवाब में इजरायली सेना गाजा समेत कई फिलिस्तीनी शहरों पर अपना कहर बरपा रही है। इजरायल के हमले में अब तक 20 हजार फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। इजरायल के हमलों से प्रभु यीशु का जन्मस्थान बेथहलम भी अछूता नहीं है। शहर के व्यापारियों का कहना है कि कोई भी नहीं आ रहा है। अलेक्जेंडर होटल के मालिक जॉय कैनावती ने कहा कि "हमारे पास कोई मेहमान नहीं है। एक भी नहीं आ रहा है।" यहां शहर की ज्यादातर आबादी पर्यटन पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, "यह अब तक का सबसे खराब क्रिसमस है। बेथलहम शहर ही क्रिसमस के लिए बंद है। कोई क्रिसमस ट्री नहीं, कोई खुशी नहीं, कोई क्रिसमस की भावना नहीं।"

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