तिरुवनंतपुरम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के कमांडर के रूप में भारतीय वायुसेना अधिकारी के नाम की घोषणा की, जिसके बाद केरल के पलक्कड़ के नेनमारा – ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर के गृहनगर पाज्या ग्रामम में जश्न मनाया गया। भीड़ नायर के घर के बाहर जमा हो गई और नारेबाजी व आतिशबाजी के बीच जश्न मनाने लगी। नायर के माता-पिता पीएम मोदी को सुनने के लिए इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) केंद्र गए थे। इससे पहले पीएम मोदी ने नायर की सराहना की और उन्हें अंतरिक्ष यात्री का बैज भी दिया।
ग्रुप कैप्टन नायर (47) ने अपनी स्कूली शिक्षा कुवैत से पूरी की, जहां उनके पिता काम करते थे। भारत लौटने के बाद नायर पलक्कड़ में चिन्मय मिशन स्कूल में शामिल हो गए। नायर खडकवासला में 93वें एनडीए कोर्स में शामिल हुए और फिर वायुसेना अकादमी में 163वें पायलट कोर्स में प्रवेश किया, जहां से वह अच्छे अंकों के साथ पास हुए और सर्वश्रेष्ठ आउटगोइंग कैडेट को दिया जाने वाला 'स्वोर्ड ऑफ ऑनर' हासिल किया। नायर को 19 जून 1999 को कमीशन किया गया था। नायर की लंबे समय से पड़ोसी, एक बुजुर्ग महिला अपनी खुशी छिपा नहीं सकी और नायर की खबर के बाद बाहर इकट्ठा हुई भीड़ का अभिवादन करने के लिए बाहर आई।
बुजुर्ग महिला अपनी खुशी के आंसू नहीं छिपा सकी। उसने कहा कि मैं नायर को 4 साल की उम्र से जानती हूं। वह विनम्र व्यक्ति हैं। हमने उसे अब से पहले तब देखा था, जब वह पिछले साल छुट्टी पर घर आया था। वह धन्य व्यक्ति हैं और उनके माता-पिता उनके लिए ईश्वर से पहले ही प्रार्थना कर चुके हैं।
जश्न मना रही भीड़ में नेनमारा के विधायक के. बाबू भी शामिल थे। बाबू ने कहा, "यह नेनमारा के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हममें से हर कोई उत्साहित और गौरवान्वित है कि नायर को यह दुर्लभ सम्मान मिला है। जश्न मनाने वाले लोग यह भी योजना बना रहे हैं कि जब भी नायर अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाने के बाद अपने गृहनगर आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
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