सुकमा.
सुकमा जिले के दोरनापाल में नक्सलियों की दक्षिण बस्तर डिविजन कमेटी ने पर्चा जारी किया है। इसमें ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है। नक्सलियों ने पर्चे में लिखा है कि केंद्र व राज्य की डबल इंजन भाजपा सरकार विकास के नाम पर जल, जंगल और प्राकृतिक संपदाओं, संसाधनों व पर्यावरण और अपने अस्तित्व अस्मिता को बचाने के लिए आदिवासी आंदोलन को बंद करने जनता के ऊपर हमले अत्याचार नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया है।
नक्सलियों ने पूंजीपतियों को बेरोक-टोक प्राकृतिक संपत्ति को लूटने के उद्देश्य से कॉर्पोरेट सैन्यीकरण करने का आरोप भी लगाया है। नक्सलियों ने पर्चे में लिखा है कि ऑपरेशन कगार के तहत आदिवासी इलाकों में युद्ध स्तर पर रोड, पुल और पुलिया नये-नये पुलिस कैंप, थाना टेक्नीकल हेड क्वार्टर, हेलिपैड, मोबाइल टॉवरों का निर्माण किया जा रहा है। जनता की जमीनों को जबरदस्ती बलपूर्वक हड़पने का आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने लिखा कि पेड़-पौधों को काटा जा रहा है। जनता के भारी विरोध प्रदर्शन के बावजूद उनके ऊपर बमबारी, फायरिंग, मारपीट और लूटपाट की जा रही है। साथ ही महिलाओं पर अत्याचार और अवैध गिरफ्तारियों जैसे तरह-तरह केहथकंडे अपनाने का आरोप भी नक्सलियों ने लगाया है।
नक्सलियों ने लिखा है कि इन जनविरोधी कार्य में शामिल ठेकेदारों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। ठेकेदार अपने कार्यों को छोड़ दें, अन्यथा मौत की सजा देने की चेतावनी नक्सलियों ने दी है। वहीं, नक्सलियों ने स्थानीय लोगों को भी अपनी गाड़ियां, रोड, पुल और पुलिया जैसे निर्माण कार्य में नहीं लगाने की अपील की है। लिखा है कि हमारी समझाइस के बावजूद भी नहीं मानेंगे तो अपनी मौत के जिम्मेदार खुद होंगे।
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