गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर संधू को निज्जर का कातिल बताते हुए ये धमकी दी, निज्जर की करवाई हत्या, लेंगे बदला

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चंडीगढ़
एक दिन पहले भाजपा में शामिल हुए अमेरिका में भारत के राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू को खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जान से मारने की धमकी दी है। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर संधू को निज्जर का कातिल बताते हुए ये धमकी दी। पन्नू ने कहा कि तरनजीत संधू आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने में शामिल था। वीडियो में पन्नू ने कहा कि अगर कोई निज्जर की हत्या पर संधू से सवाल करेगा तो उसे 25 लाख रुपए इनाम दिया जाएगा और अगर कोई संधू को हत्या के आरोप में फंसाएगा तो उसे और इनाम दिया जाएगा।

संधू को भारत सरकार का दलाल बताया
पुलिस इस वीडियो की जांच कर रही है। संधू की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है। ये वीडियो किसी अज्ञात यूट्यूब चैनल से अपलोड किया गया है, जोकि रात में ही बनाया गया था। यह एक मिनट 23 सेकंड का है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने संधू को भारत सरकार का दलाल बताया और कहा कि यही वो चेहरा है जिसने निज्जर की हत्या करवाई थी। वॉशिंगटन डीसी में रहते हुए उसने कनाडा में रहने वाले अपने दोस्त वर्मा की मदद से निज्जर को मरवाया। पन्नू ने कहा कि बीजेपी संधू को अमृतसर से लोकसभा उम्मीदवार बनाना चाहती है। इसी तरह 1984 के सिख दंगों के गुनाहगारों को लोकसभा सदस्य बनाया जाता था। सिख फॉर जस्टिस ऐलान करता है कि निज्जर की हत्या का बदला लिया जायेगा। मेरी संस्था 25 लाख के इनाम का ऐलान करती है।

अमृतसर से लोकसभा उम्मीदवार बना सकती है बीजेपी
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू लोकसभा चुनाव से पहले मंगलवार को बीजेपी में शामिल हुए थे। चर्चा है कि पार्टी उन्हें अमृतसर से लोकसभा उम्मीदवार बना सकती है। तरनजीत पंजाब के तरनतारन जिले के राय बुर्ज के रहने वाले हैं। तरनजीत के पिता बिशन सिंह समुंद्री शिक्षाविद् थे। वे गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति थे। तरनजीत के दादा सरदार तेजा सिंह समुंद्री शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सिख लीग में सक्रिय रहे। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता थे।

श्रीलंका और अमेरिका में कर चुके काम
तरनजीत सिंह संधू श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत रहे चुके हैं। संधू 1988 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे। यूक्रेन में भारतीय दूतावास खोलने में तरनजीत सिंह संधू की अहम भूमिका थी। तरनजीत सिंह ने भारतीय विदेश मंत्रालय में भी विभिन्न पदों पर काम किया है। उनकी पत्नी रीनत संधू इटली में भारत की राजदूत रह चुकी हैं। 

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