नई दिल्ली
लोकसभा चुनावों से पहले अमरावती से सिटिंग सांसद और बीजेपी कैंडिडेट नवनीत राणा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 2021 के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। मामला नवनीत राणा के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा है। जिसे हाई कोर्ट ने जाली बताते हुए रद्द कर दिया था और दो लाख का जुर्माना लगाया था। हाई कोर्ट के फैसले के बाद उनकी सांसदी खतरे में आ गई थी।
दरअसल, नवनीत राणा महाराष्ट्र की अमरावती लोकसभा सीट से सांसद हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2021 में बॉम्बे हाई कोर्ट में यह याचिका डाली गई कि नवनीत ने जाली दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ा और जीता। मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी माना कि नवनीत राणा ने जाली जाति प्रमाण पत्रों के बल पर चुनाव लड़ा था। इसलिए उनका जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया। हाई कोर्ट के फैसले के बाद उनका मोची जाति प्रमाण पत्र अमान्य करार दिया गया। इस फैसले के खिलाफ नवनीत राणा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नवनीत राणा को बड़ी राहत दी और बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला पलट दिया। इससे नवनीत राणा के जाति प्रमाण पत्र को भी हरी झंडी मिल गई है। बता दें कि नवनीत राणा एक बार फिर अमरावती की आरक्षित सीट से चुनाव लड़ रही हैं। इस बार बीजेपी ने उन्हें चुनावी मैदान पर उतारा है।
बता दें कि 28 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत ने अमरावती की सांसद नवनीत राणा के 'मोची' जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने के खिलाफ उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और संजय करोल की बेंच ने की।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

