नई दिल्ली
महंगाई से पूरी दुनिया परेशान है। खासकर साल 2019 के बाद खाने पीने की चीजें काफी महंगी हुई हैं। महंगाई पर काबू करने के लिए विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में काफी बढ़ोतरी की है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में 100 से अधिक फूड आइटम्स की कीमत 50 फीसदी से अधिक बढ़ी है। इस दौरान सबसे ज्यादा तेजी कोको की कीमत में देखने को मिली है। इसका इस्तेमाल चॉकलेट बनाने में किया जाता और इसका अधिकांश उत्पादन पश्चिम अफ्रीकी देश घाना और आइवरी कोस्ट में होता है।
अल नीनो प्रभाव के कारण वहां सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। इस वहां कोको का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोको की कीमत ऑल-टाइम हाई पर पहुंच चुकी है। पिछले एक महीने में ही इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो चुकी है। इससे चॉकलेट की कीमत में भी तेजी आई है। कोको की कीमत 2019 के बाद से सबसे ज्यादा 345 परसेंट बढ़ी है।
इस दौरान ओरेंज जूस की कीमत में 260 फीसदी तेजी आई है जबकि ऑलिव ऑयल यानी जैतून के तेल की कीमत 219% चढ़ गई है। चीनी की कीमत में 120%, फ्रूट स्नैक्स में 77%, कुकिंग ऑयल में 54%, चॉकलेट बार्स में 52%, ऐपल जूस में 51%, बीफ में 51%, मियोनीज में 49%, ब्रेड में 42%, अंड़ों में 40%, दूध में 40%, अनाज में 38% और बटर की कीमत में 24% तेजी आई है। तीन सालों में महंगाई की दर तीन फीसदी या उससे अधिक रही है।
औसत अमेरिकी को आज ग्रॉसरी के लिए 2019 की तुलना में 40% ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। 100 से अधिक फूड आइटम्स में 2019 के बाद 50 फीसदी से अधिक तेजी आई है। कई कंपनियों ने कीमतों में बदलाव नहीं किया है लेकिन फूड आइटम्स की मात्रा कम कर दी है। यानी अब आपको कम फूड के लिए बराबर पैसे देने पड़ रहे हैं।
अमेरिका पर कर्ज
अमेरिका का कर्ज आठ साल में डबल होने जा रहा है। 2017 में देश पर 20 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जिसके 2025 में 40 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। अभी अमेरिका की फेडरल गवर्नमेंट का कर्ज हर 100 दिन में एक ट्रिलियन डॉलर बढ़ रहा है। साल 2000 से इसमें करीब 500 फीसदी तेजी आई है। दिलचस्प बात है कि अमेरिका का कर्ज ऐसे समय बढ़ रहा है जब देश की इकॉनमी ठीकठाक प्रदर्शन कर रही है। अगर मंदी आ गई तो फिर क्या होगा?
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