जिला प्रशासन के प्रयासों से लगातार रोके जा रहे बाल विवाह

मध्य प्रदेश राज्य

डिंडौरी

डिंडौरी  ग्राम खपरीपानी के नयाटोला में महिला बाल विकास विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त प्रयासों से ग्राम में हो रहे दो बाल विवाहों को रोका गया, संयुक्त टीम ने दोनों जोड़ों के परिवारों को समझाइश देकर समझाया कि विवाह के लिए लड़की की आदर्श आयु 18 वर्ष और लड़के की आदर्श आयु 21 वर्ष है। समझाइश के बाद दोनों जोड़ों के परिवारों ने सहमति से निश्चय किया कि आदर्श आयु में ही विवाह संपन्न करेंगे।

जिला प्रशासन लगातार बाल विवाह रोकने के लिए सार्थक प्रयास कर रहा है, ज्ञात हो कि कल ग्राम पंचायत सैलवार में भी बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होने पर  महिला बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, जनपद पंचायत और राजस्व विभाग के संयुक्त अमले ने बाल विवाह के बारे में वर वधु के माता पिता को समझाया, समझाइश के साथ ही ये भी बताया गया कि बाल विवाह करना और करवाना एक क़ानूनी अपराध है, बाल विवाह करने वालों के समस्त शासकीय लाभ पर प्रतिबन्ध लग जाता है, समझाइश के बाद दोनों पक्ष ने सहमति के साथ विवाह योग्य आयु होने पर ही विवाह करने का लिखित वचन दिया, जिला प्रशासन की तत्परता के फलस्वरूप बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त हुई।

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