महिला प्रस्तावक ने शेट्टी पर धोखाधड़ी और धमकाने का आरोप लगाया, पहुंची थाने, दर्ज कराई एफआईआर

उत्तर प्रदेश राज्य

वाराणसी
वाराणसी लोकसभा सीट से पीएम मोदी के खिलाफ मैदान में उतरे कोली शेट्टी शिवकुमार के खिलाफ एफआईआर हो गई है। शेट्टी के खिलाफ उनके नामांकन में प्रस्तावक बनी महिला ने ही तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। महिला ने शेट्टी पर धोखाधड़ी और धमकाने का आरोप लगाया है। भेलूपुर थाने पहुंची महिला की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, शेट्टी ने इस भाजपा की दबाव की राजनीति बताया है। कहा कि दो दिन पहले ही इस बारे में चुनाव आयोग को पत्र भेजा गया था। वाराणसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से पीएम मोदी समेत कुल 41 प्रत्याशियों ने नामांक किया था। पर्चा जांच में 33 के नामांकन खारिज हो गए थे। इसके बाद केवल आठ प्रत्याशी मैदान में बचे थे। इसमें युग तुलसी पार्टी के प्रत्याशी कोली शेट्टी शिव कुमार भी हैं। शेट्टी ने सोनारपुरा के रहने वाले रमेश कुमार की पत्नी मंजू देवी उर्फ संजू देवी को अपना प्रस्तावक बनाया है।

शुक्रवार को मंजू देवी उर्फ संजू देवी ने भेलूपुर थाने में शेट्टी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि उनका देवर महेश साहनी नाव चलाता है। महेश को एक आदमी मुमुक्ष भवन के पास मिला था। उसने खुद को गोरक्षा समिति का मालिक बताया। उसने महेश को गोरक्षा के लिए अपनी समिति में शामिल करने को कहा तो वह भी गो-सेवा के लिए तैयार हो गई। इसके बाद उसने उनके आधार कार्ड की कॉपी समिति में सदस्य बनाने के लिए ली और एक कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिया।

मंजू देवी उर्फ संजू देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने देवर से जानकारी मिली कि कोई कोली सेट्टी शिवकुमार नामक आदमी ने अपने लोकसभा चुनाव के नामांकन के लिए उनका नाम प्रस्तावक के रूप में लिखा है। जबकि मैं उस आदमी को न तो जानती हूं, न प्रस्तावक के तौर पर अपने हस्ताक्षर की और न कचहरी गई। आरोप लगाया कि उसने धोखे से उनका आधार कार्ड लिया और अपने नामांकन में इस्तेमाल किया। जब वह अपना आधार कार्ड मांगने गई तो धमकाया भी गया। उसे भगा दिया गया और कहा गया कि जो करना है कर लो, आधार कार्ड की कॉपी नही देंगे। पुलिस ने महिला की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय भाजपा नेता और पुलिस पर महिला को धमकाने का लगाया आरोप
वहीं शेट्टी ने वाराणसी में एक बड़े पद पर बैठे भाजपा नेता का नाम लिखते हुए आरोप लगाया कि महिला प्रस्तावक को धमकाने के लिए पुलिस के साथ उसके घर गए थे। शेट्टी ने इस बारे में भारत निर्वाचन आयोग और यूपी के मुख्य निर्वाचन आयोग को पत्र भी दो दिन पहले ही लिखा था। शेट्टी ने अपने पत्र में लिखा था कि मेरी प्रस्तावक के घर वाराणसी के भाजपा नेता पुलिस वालों के साथ पहुंचे थे। वह लोग चाहते थे कि मेरी प्रस्तावक अपना नाम वापस ले ले।

आयोग को भेजे पत्र में शेट्टी ने लिखा कि उसने वाराणसी लोकसभा सीट से सबसे पहले सात मई को दो सेट में अपना नामांकन दाखिल किया था। 13 मई को उसने दोबारा दो सेट में नामांकन दाखिल किया। नामांकन के समय मेरी प्रस्तावक भी मेरे साथ थी लेकिन उसे कलक्ट्रेट के अंदर नहीं जाने दिया गया था। आज 15 मई को रात 12 बजे वाराणसी के भाजपा नेता कुछ पुलिस वालों के साथ मेरी प्रस्तावक के पास पहुंचे और उसे प्रस्तावक के रूप में अपना नाम वापस लेने के लिए धमकाया।

एफआईआर के बाद क्या बोले शेट्टी
वहीं कोली शेट्टी शिवकुमार ने एफआईआर दर्ज होने के बाद कहा कि मैंने अपने चुनाव अभियान का शुभारंभ ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत अन्य संतो का आशीर्वाद लेकर किया था। कहा कि अभी तिरुमला में बालाजी का आशीर्वाद लेने आया हूं। एफआईआर की जानकारी मिली है। सत्तादल के इशारे पर यह सब हो रहा है। चुनाव आयोग को दो दिन पहले ही इस बारे में शिकायत भेज दी थी। सभी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर और उनका समर्थन सही हैं। निष्पक्ष जांच में सबकुछ सही निकलेगा।

 

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