विपक्ष को मिला हार के बाद भी हालात नहीं बदलने का मुद्दा, राजस्थान में प्री-बजट बैठक में वित्त मंत्री को नहीं बुलाया

राज्य

जयपुर.

लोकसभा चुनावों में 11 सीटें गंवाने के बाद भी राजस्थान की भाजपा सरकार के हालात और रवैया बदलने का नाम नहीं ले रहे। वित्त विभाग अफसरों की मनमर्जी का आलम ये है कि प्री-बजट जैसी अहम बैठक में वित्त मंत्री का नाम ही नहीं है। आगामी बजट की तैयारियों को लेकर वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री भजनलाल की अध्यक्षता में प्री-बजट मीटिंग बुलाई, लेकिन वित्त मंत्री दीया कुमारी को इस बैठक की सूचना की प्रतिलिपि भेजकर इतिश्री कर ली गई। बैठक के आगंतुकों की सूची में उनका नाम तक शामिल नहीं किया गया।

क्या राजस्थान की अफसरशाही अपनी ही सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में लगी है? प्री-बजट मीटिंग को लेकर वित्त विभाग की तरफ से बैठक का जो नोटिस जारी किया गया है, उसमें वित्त मंत्री का नाम ही गायब है। सिर्फ मीटिंग नोटिस की प्रतिलिपि दीया कुमारी के विशिष्ट सहायक को मार्क की गई है। ब्यूरोक्रेसी की इस हरकत को विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है, जो आने वाले बजट सत्र में सरकार को भारी पड़ सकता है। हालांकि वित्त मंत्री दीया कुमारी फिलहाल जयपुर में नहीं हैं, लेकिन प्रोटोकॉल के हिसाब से मीटिंग नोटिस में कम से कम उनका नाम शामिल होना चाहिए था। हालांकि वित्त मंत्री के ऑफिस ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है, लेकिन ये तय है कि मामला अब ऊपर तक जाएगा।

राजस्थान अकाउंट्स एसो. को भी साइडलाइन किया
लोकसभा चुनावों में पोस्टल बैलेट में कर्मचारी वर्ग की नाराजगी साफ देखी जा रही है। इसके बाद भी सरकार के लिए कर्मचारियों में नकारात्मक माहौल तैयार किया जा रहा है। वित्त विभाग के अफसरों की मनमर्जी का आलम ये है कि न सिर्फ वित्त मंत्री बल्कि बजट तैयार करने वाले वित्त विभाग का अकाउंट्स कैडर ही गायब कर दिया गया।

अकाउंट्स एसोसिएशन में रोष
जानकारी के मुताबिक कार्मिक विभाग की तरफ से राजस्थान अकाउंट्स एसोसिएशन का नाम बैठक में शामिल होने वाले कैडर्स की लिस्ट में था, लेकिन वित्त विभाग के स्तर पर इसमें कांट-छांट कर दी गई। अब राजस्थान अकाउंट्स एसोसिएशन में इसे लेकर भारी रोष पनप रहा है। मामले की शिकायत उच्च स्तर तक किए जाने की बात कही जा रही है। ये बैठक आज गुरुवार को प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली जाने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। बैठक में राजस्थान के 47 कैडर्स को न्योता दिया गया है, लेकिन वित्त विभाग में चल रही आपसी खींचतान के चलते राजस्थान अकाउंट्स एसोसिएशन को नहीं बुलाया गया।

ये बोले अध्यक्ष
राजस्थान अकाउंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मेघवाल ने कहा कि सीएमओ ने नई सरकार की पहली बजट मीटिंग के लिए कर्मचारी संगठनों की मीटिंग आयोजित की, लेकिन अधीनस्थ लेखा सेवा कैडर को उक्त मीटिंग में आमंत्रित नहीं किया, जबकि ये बजट बनाने और उसके विनियोजन में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

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