अयोध्या
अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्था में बदलाव हुआ है. अब मंदिर के पुजारियों की ड्रेस बदल गई है. पुजारियों की ड्रेस अब भगवा से पीली हो गई है. इसके अलावा मंदिर में मोबाइल ले जाने पर भी बैन लगा दिया गया है. इसके अलावा और भी कई नियम बदले गए हैं. आइए जानते हैं विस्तार से…
राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, रामलला के मंदिर के पुजारियों की पोशाक में बदलाव हुआ है और उनके मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अभी तक गर्भगृह में पुजारी भगवा वस्त्र में दिखते थे. वे भगवा पगड़ी, भगवा कुर्ता और धोती पहनते थे. लेकिन अब पुजारियों ने उसी रंग के कुर्ते और पगड़ी के साथ पीली (पीतांबरी) धोती पहनना शुरू कर दिया है.
मंदिर अधिकारियों के मुताबिक, नया ड्रेस कोड 1 जुलाई से लागू हो गया है. नए पुजारियों को पीली पगड़ी बांधने का प्रशिक्षण दिया गया है. 'चौबंदी' कुर्ते में बटन नहीं होते और इसे बांधने के लिए धागे का इस्तेमाल किया जाता है. पीले रंग की 'धोती', सूती कपड़े का एक टुकड़ा, कमर के चारों ओर बांधा जाता है जो टखनों तक पैरों को ढकता है.
मालूम हो कि राम मंदिर में एक मुख्य पुजारी के साथ चार सहायक पुजारी हैं. प्रत्येक सहायक पुजारी के साथ पांच प्रशिक्षु पुजारी भी रखे गए हैं. इन पुजारियों की प्रत्येक टीम सुबह 3.30 बजे से रात 11 बजे के बीच पांच घंटे की शिफ्ट में अपनी सेवाएं देती है. पुजारियों के भी मंदिर में मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
गौरतलब हो कि भारतीय धर्म में पीले रंग का विशेष महत्व है. शुभ कामों में पीला और भगवा रंग का ही इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अब राम मंदिर के पुजारी भी पीले वस्त्रों में नजर आएंगे. इस नए ड्रेस कोड के लिए पुजारियों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है.
राम मंदिर में पीएम मोदी
बता दें कि 5 अगस्त को जब राम मंदिर का भूमिपूजन/शिलान्यास किया गया था, तब पीएम मोदी ने भी पीले रंग का ही कुर्ता पहना था. हालांकि, वहां मौजूद पुजारी भगवे रंग के वस्त्र में मौजूद थे.
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