भोजशाला सर्वे पर कोर्ट में सुनवाई के दौरान एएसआई की टीम खाली हाथ पहुंची

मध्य प्रदेश राज्य

धार
 भोजशाला में चल रहे सर्वे पर कोर्ट में सुनवाई के दौरान एएसआई की टीम खाली हाथ पहुंची। धार भोजशाला केस की इंदौर हाईकोर्ट में आज सुनवाई थी। एएसआई ने इस दौरान सर्वे की रिपोर्ट पेश नहीं की। भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने रिपोर्ट पेश करने के लिए कोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा था। इस पर कोर्ट ने 15 दिन का समय देकर 22 जुलाई को रिपोर्ट पेश करने के दिए आदेश दिए हैं।

2 जुलाई को पेश करनी थी सर्वे रिपोर्ट
बता दें, बीते 11 मार्च को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला परिसर के सर्वे कराने का आदेश दिया था. भोजशाल को हिंदू समुदाय वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है. इसके उलट मुस्लिम समुदाय इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद मानता है.

एएसआई ने हाईकोर्ट के निर्देश पर परिसर का "वैज्ञानिक सर्वेक्षण" कर रहा है. हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के आदेश के अनुसार, एएसआई को 2 जुलाई तक परिसर के सर्वेक्षण की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी.

मामले में अब एएसआई की नई अर्जी पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है.  इसी साल बीते 11 मार्च को हाईकोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस संगठन के आवेदन पर एएसआई को परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था.

हिंदू- मुस्लिम को पूजा-नमाज की अनुमति
पिछले 21 सालों से एएसआई ने हिंदू और मुस्लिम समाज के लिए भोजशाला पूजा और नमाज के लिए विशेष व्यवस्था की है. इसके तहत यहां पर हिंदू समाज को हर मंगलवार को भोजशाला में तक पूजा करने की अनुमति दी गई है.

इसी तरह मुसलिम समाज को हर शुक्रवार को इस स्थल पर नमाज अदा करने की अनुमति है. हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने अपनी याचिका में एएसआई द्वारा दिए गए इस आदेश को चुनौती दी है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry