भोपाल
हमीदिया अस्पताल, भोपाल के हृदय रोग विभाग की कैथ लैब में पहली बार आईवीयूएस (इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड) गाइडेड एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गई। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने टीम को बधाई दी और कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं, शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी उपलब्ध हों। यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता एवं प्रो. डॉ. अजय शर्मा की देखरेख में संपन्न हुई।
उल्लेखनीय है कि गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में मात्र 10,000 रुपये में आईवीयूएस गाइडेड एंजियोप्लास्टी जैसे उच्च स्तरीय उपचार किया गया है, निजी अस्पतालों में इसका खर्च लगभग 3 लाख रुपये तक आता है।
क्या है आईवीयूएस तकनीकी
आईवीयूएस तकनीक से कोरोनरी धमनियों की दीवारों का अंदर से निरीक्षण किया जा सकता है, जिससे प्लाक बिल्डअप की मात्रा और प्रकार की सटीक जानकारी मिलती है। यह तकनीक यह समझने में मदद करती है कि मरीज को दिल का दौरा पड़ने का खतरा है या नहीं। साथ ही, इससे इलाज के दौरान स्टेंट लगाने की सटीक जगह का निर्धारण किया जाता है, जिससे जटिलताओं की संभावना को कम किया जा सकता है। इससे मरीजों के इलाज में अधिक सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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