पटना
बिहार सरकार ने शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए नई नीति जारी की है, जिसमें गंभीर रोगों और दिव्यांगता वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों को उनके स्वास्थ्य और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर राहत प्रदान करना है। शिक्षा मंत्री ने 6 अक्टूबर 2024 को एक प्रेस रिलीज के माध्यम से इस नीति की जानकारी दी।
दिव्यांगता वाले शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रावधान
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस नीति से न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि पठन-पाठन की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है। नीति में जिले के भीतर और प्रमंडल स्तर पर स्थानांतरण की विस्तृत प्रक्रिया का उल्लेख है, साथ ही प्रशासनिक कारणों से होने वाले स्थानांतरण को भी ध्यान में रखा गया है। सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त किए जाएंगे। इस नीति के तहत उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी, हृदय रोग, और लीवर रोग से पीड़ित हैं। दिव्यांगता वाले शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे शिक्षक स्वयं या उनके परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के आधार पर अपने गृह निकाय या निकटवर्ती निकायों में स्थानांतरित हो सकते हैं। इसके अलावा, यह नीति शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस नीति से शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस नीति से शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और इससे पठन-पाठन के स्तर में सुधार होने की संभावना है। नई नीति के तहत जिले और प्रमंडल स्तर पर स्थानांतरण के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया जाएगा। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, और सभी आदेश सॉफ्टवेयर आधारित ऑटो-जनरेटेड फॉर्मेट के माध्यम से निर्गत किए जाएंगे। किसी अन्य माध्यम से जारी किए गए स्थानांतरण आदेश अवैध माने जाएंगे। इस नई नीति को जल्द ही लागू किया जाएगा, और औपचारिक आदेश और दिशानिर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।
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